डिंडौरी /भोपाल। यदि इरादे फौलादी हों और अपनी संस्कृति के प्रति अटूट प्रेम हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। डिंडोरी जिले के ग्राम्य अंचलों से निकलकर अपनी पहचान बनाने वाले युवा फिल्मकार सतपाल सिंह पंद्राम (सत्या परधान) ने इस बात को वैश्विक मंच पर सच कर दिखाया है।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल द्वारा आयोजित ‘सिनेब्रेशन 3.o’ अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 2026 में सत्या की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘GUDUM: A Folk Drum’ ने ‘डॉक्यूमेंट्री श्रेणी’ में प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है।
कड़े मुकाबले में अव्वल रही ‘गुडुम’
इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में देश और दुनिया भर से लगभग 75 फिल्मों की प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई थीं। कड़े चयन मापदंडों के बाद केवल 25 फिल्मों को मुख्य समारोह में प्रदर्शन के लिए चुना गया। सत्या परधान की फिल्म ने न केवल इन शीर्ष 25 फिल्मों में जगह बनाई, बल्कि अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का खिताब जीतकर जूरी और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
– लोक कला को समर्पित एक स्वतंत्र प्रयास
‘GUDUM: A Folk Drum’ सत्या की पहली स्वतंत्र डॉक्यूमेंट्री फिल्म है। यह फिल्म डिंडौरी के पारंपरिक वाद्य यंत्र ‘गुडुम’ और उससे जुड़ी विलुप्त होती लोक संस्कृति पर आधारित है। सत्या ने अपनी इस जीत का श्रेय अपनी ‘अम्मा’, अपने सहयोगियों और जिले के उन लोक कलाकारों को दिया है, जो अपनी पहचान को आज भी गर्व से सहेजे हुए हैं
