– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक से खातों में अंतरित की राशि, शहपुरा के सर्वाधिक 112 हितग्राही लाभान्वित
डिंडौरी न्यूज । मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के तहत सोमवार को डिंडौरी जिले के 351 हितग्राहियों को बड़ी आर्थिक सहायता मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास ‘समत्व’ से सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेशभर के पात्र हितग्राहियों को अनुग्रह सहायता राशि का वितरण किया। इसी क्रम में डिंडौरी जिले के हितग्राहियों के खातों में कुल 7 करोड़ 46 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई।
जिले के विभिन्न जनपद एवं नगरीय निकाय क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया गया। जनपद पंचायत शहपुरा के 112 हितग्राहियों को सर्वाधिक 2 करोड़ 36 लाख रुपये की सहायता राशि मिली। वहीं जनपद पंचायत डिंडौरी के 66 हितग्राहियों को 1 करोड़ 40 लाख रुपये तथा बजाग के 55 हितग्राहियों को 1 करोड़ 20 लाख रुपये प्रदान किए गए।
इसी प्रकार समनापुर के 44 हितग्राहियों को 90 लाख रुपये, करंजिया के 35 हितग्राहियों को 78 लाख रुपये, मेहंदवानी के 17 हितग्राहियों को 36 लाख रुपये तथा अमरपुर के 13 हितग्राहियों को 26 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि वितरित की गई।
नगरीय क्षेत्र में नगर परिषद डिंडौरी के 7 हितग्राहियों को 16 लाख रुपये तथा नगर परिषद शहपुरा के 2 हितग्राहियों को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
एनआईसी कक्ष में देखा गया सीधा प्रसारण
मुख्यमंत्री द्वारा किए गए सहायता राशि वितरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिला एनआईसी कक्ष में देखा गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, श्रम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा संबल 2.0 योजना के हितग्राही उपस्थित रहे।
श्रमिक परिवारों को आर्थिक संबल
संबल 2.0 योजना का उद्देश्य पात्र श्रमिक परिवारों को संकट की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को अनुग्रह सहायता सहित विभिन्न लाभ प्रदान किए जाते हैं।
शासन द्वारा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी और सुगम तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। डिंडौरी जिले में एक ही अवसर पर 351 हितग्राहियों को 7.46 करोड़ रुपये की सहायता राशि का अंतसंबल 2.0 से डिंडौरी के 351 हितग्राहियों को 7.46 करोड़ की अनुग्रह सहायतारण जरूरतमंद श्रमिक परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा माना जा रहा है।
