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चार हाथ-चार पैरों वाले बच्चे का जन्म, देखकर डॉक्टर भी रह गए हैरान : एयर एंबुलेंस से जबलपुर रेफर

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot August 26, 2026

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भोपाल/छतरपुर । चिकित्सा विज्ञान में कई बार ऐसे दुर्लभ मामले सामने आते हैं, जो न केवल आम लोगों को हैरत में डाल देते हैं, बल्कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए भी चुनौती बन जाते हैं। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से ऐसा ही एक असामान्य मामला सामने आया है, जहां लवकुशनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार सुबह एक महिला ने चार हाथ और चार पैरों वाले नवजात को जन्म दिया। नवजात को देखकर अस्पताल का स्टाफ और परिजन भी कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए।

जानकारी के अनुसार, छतरपुर जिले के हरद्वार गांव निवासी प्रसूता नीता अहिरवार को प्रसव के लिए लवकुशनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। रविवार सुबह प्रसव के बाद जब नवजात का परीक्षण किया गया तो उसके शरीर की बनावट सामान्य से अलग दिखाई दी। नवजात के मुख्य शरीर के साथ छाती और पेट के ऊपरी हिस्से से एक अतिरिक्त धड़ जुड़ा हुआ मिला। इस अतिरिक्त धड़ के साथ दो अतिरिक्त हाथ और दो पैर विकसित थे।

नवजात की इस असामान्य शारीरिक संरचना को देखकर अस्पताल के चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी भी हैरान रह गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने नवजात को बेहतर उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच के लिए तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने का निर्णय लिया।

इसके बाद नवजात को पीएम श्री एयर एंबुलेंस की हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम नवजात की स्थिति का परीक्षण कर उसके उपचार में जुटी हुई है। फिलहाल चिकित्सक आवश्यक जांच और मेडिकल मूल्यांकन के आधार पर आगे की उपचार प्रक्रिया तय कर रहे हैं।

– जुड़वां भ्रूणों के असामान्य विकास का मामला

चिकित्सकों के अनुसार, नवजात में दिखाई दे रही यह असामान्य शारीरिक संरचना भ्रूण विकास के दौरान जुड़वां भ्रूणों के पूरी तरह अलग न हो पाने अथवा उनके असामान्य एवं अधूरे विकास से संबंधित हो सकती है। हालांकि, नवजात की वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति और आगे की उपचार प्रक्रिया विशेषज्ञों की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

यह दुर्लभ मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, परिजन नवजात के बेहतर उपचार और स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए हुए हैं। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में नवजात का उपचार और आवश्यक जांच जारी है।

 

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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