डिंडौरी। किसानों के सर्वांगीण विकास के नाम पर लगभग 15 वर्ष पहले करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित दनदना जलाशय किसानों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। निर्माण के बाद से ही मुख्य नहर सीपेज होने से लगभग 200 हेक्टेयर भूमि दलदल में तब्दील हो गया है जिससे किसान फसल उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। दनदना जलाशय से लगभग 10 गांव के 2000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि सिंचित किए जाने का लक्ष्य तय किया गया था लेकिन लक्षित भूमि की सिंचाई तो नहीं हो पा रही हैं बल्कि सैकड़ों किसानों की जमीन बंजर जरूर हो गई है।
जिले के मेंहदवानी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुखलोड़ी के ग्रामीणों और किसानों ने ददना बांध की मुख्य नहर से हो रहे अत्यधिक जल बहाव को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्या के निराकरण की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि नहर का रखरखाव सही तरीके से नहीं होने के कारण लगातार पानी रिसाव हो रहा है, जिससे किसानों के खेतों में हर वर्ष पानी भर जाता है और फसलें प्रभावित होती हैं।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि दनदना बांध की मुख्य नहर से निरंतर पानी बहने के कारण खेत जलमग्न हो जाते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि कई बार विभागीय अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। इतना ही नहीं, समस्या को लेकर 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन वहां से भी निराकरण नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने बताया कि नहर से हो रहे रिसाव के कारण खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। खेतों में पानी भरने से फसल खराब हो जाती है और किसानों को हर साल नुकसान झेलना पड़ता है। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि जल्द से जल्द नहर की मरम्मत कराकर पानी के रिसाव को रोका जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी फसलों को नुकसान से बचाया जा सके। आवेदन में गांव के सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी किए गए हैं।












