डिंडौरी। जिले के ग्रामीण अंचलों में गहराते जल संकट के बीच मंगलवार को जिला मुख्यालय से लगे ग्राम देवरा में ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। लंबे समय से पेयजल समस्या से परेशान ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के तहत गांव में नल-जल योजना का लाभ नहीं मिलने पर देवरा-मुड़की तिराहा पर खाली बर्तन लेकर धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों का आरोप है कि पीएचई विभाग द्वारा देवरा गांव के लिए प्रस्तावित पानी की टंकी को दूसरे स्थान पर बनवा दिया गया, जिसके कारण गांव में पाइपलाइन बिछने के बावजूद नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से वे पेयजल संकट झेल रहे हैं और कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे नाराज होकर ग्रामीणों को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा।
धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और पीएचई विभाग के ठेकेदार सुरेंद्र ओझा के बीच तीखी बहस हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की गई, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
सूचना मिलते ही एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण पीएचई मंत्री संपतिया उइके को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में मंत्री सम्पतिया उइके ने ग्रामीणों की समस्या सुनी और मामले को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार सुरेंद्र ओझा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों के अनुसार सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ चक्का जाम लगभग दो घंटे तक जारी रहा। इस दौरान सड़क पर बस, ट्रक, दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।








