MP News। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में इंदौर में लोकायुक्त टीम ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के दो अधिकारियों को 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मंगलवार को सुनियोजित ट्रैप के तहत की गई।
– 17 लाख के भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्वालियर निवासी फरियादी राघवेन्द्र सिंह गुर्जर ने लोकायुक्त इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह ओम एंटरप्राइज में लायजनिंग मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। उनकी फर्म द्वारा राऊ से बामपुरा तक इलेक्ट्रिक सिटींग का कार्य लगभग 20 लाख रुपये में लिया गया था, जिसे निर्धारित समय में पूरा कर दिया गया। कार्य पूर्ण होने के बाद जीएसटी सहित 17 लाख रुपये का भुगतान होना था।
आरोप है कि भुगतान जारी करने के एवज में PWD के सहायक यंत्री एवं प्रभारी कार्यपालन अधिकारी बालकुमार जैन ने 4 प्रतिशत के हिसाब से 60 हजार रुपये तथा उपयंत्री एवं प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी धीरेन्द्र कुमार मीना ने 2 प्रतिशत के नाम पर 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
– ट्रैप बिछाकर रंगेहाथ पकड़े गए आरोपी
शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त टीम ने 7 अप्रैल को ट्रैप दल गठित कर योजना बनाई। फरियादी को रिश्वत की राशि देकर आरोपियों के पास भेजा गया। जैसे ही बालकुमार जैन ने 60 हजार रुपये और धीरेन्द्र मीना ने 30 हजार रुपये लिए, टीम ने दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया।
– भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में लोकायुक्त के निरीक्षक आशुतोष मिठास सहित अन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लोकायुक्त की अपील
लोकायुक्त संगठन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत लोकायुक्त कार्यालय को दें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।












