भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर के पुलिस थानों में लंबे समय से पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सभी पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि थाना स्तर पर पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए लंबे समय से एक ही थाने या अनुविभाग में जमे पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण अनिवार्य रूप से किया जाए।
22 मई 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश के सभी जिलों में आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक स्तर तक के कर्मचारियों की पदस्थापना अवधि का तत्काल परीक्षण किया जाए और निर्धारित सीमा से अधिक समय से जमे कर्मचारियों के तबादले किए जाएं। पुलिस मुख्यालय ने इस प्रक्रिया को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
– एक थाने में अधिकतम 5 वर्ष ही पदस्थापना
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार किसी भी कर्मचारी की एक ही थाने में एक पद पर सामान्यतः चार वर्ष तथा अधिकतम पांच वर्ष से अधिक पदस्थापना नहीं रहेगी। इतना ही नहीं, निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद संबंधित कर्मचारी को उसी थाने में दोबारा उसी पद पर पदस्थ नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा यदि किसी कर्मचारी को अलग-अलग पदों पर पुनः उसी थाने में पदस्थ किया जाता है, तो उसके बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतराल रखना अनिवार्य होगा।


– एक ही अनुविभाग में 10 साल से ज्यादा नहीं रह सकेंगे कर्मचारी
आदेश में यह भी कहा गया है कि आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक स्तर तक के किसी भी कर्मचारी की एक ही अनुविभाग में विभिन्न पदों पर कुल पदस्थापना अवधि 10 वर्ष से अधिक नहीं होगी। इस अवधि में अटैचमेंट का समय भी शामिल किया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहने से कार्यप्रणाली प्रभावित होती है और शिकायतों की संभावना बढ़ती है। इसलिए समय-समय पर स्थानांतरण से प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यकुशलता में सुधार आता है।
– 5 जून तक जारी होंगे तबादला आदेश
सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि 1 जून से 5 जून 2026 के बीच स्थानांतरण आदेश जारी कर उसकी जानकारी सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक) पुलिस मुख्यालय भोपाल को ई-मेल के माध्यम से भेजी जाए।
साथ ही स्थानांतरित होने वाले विवेचकों को अपने पास लंबित अपराधों की केस डायरी, जांच और मर्ग डायरी अद्यतन स्थिति में संबंधित थाना प्रभारी को सौंपना अनिवार्य किया गया है। सभी कर्मचारियों को 15 जून 2026 तक नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा।
– 2025 के तबादलों का मिला था सकारात्मक परिणाम
पुलिस मुख्यालय ने आदेश में उल्लेख किया है कि वर्ष 2025 में लंबे समय से एक ही थानों में पदस्थ कर्मचारियों के किए गए तबादलों से सकारात्मक परिणाम सामने आए थे। इससे थानों की कार्यप्रणाली में सुधार हुआ था तथा जनता की शिकायतों में कमी दर्ज की गई थी। इसी को देखते हुए इस वर्ष फिर व्यापक स्तर पर स्थानांतरण प्रक्रिया लागू की जा रही है। प्रदेशभर में जारी इस आदेश को पुलिस विभाग में बड़े प्रशासनिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे थानों में जवाबदेही बढ़ेगी, स्थानीय प्रभाव कम होगा और पुलिस व्यवस्था अधिक पारदर्शी बन सकेगी।
Major Administrative Reshuffle in Madhya Pradesh Police: Personnel Posted for Years in Same Police Stations to Be Transferred








