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समनापुर में रात के अंधेरे में धड़ल्ले से चल रहा अवैध बोर खनन, प्रतिबंध के बावजूद मशीनें सक्रिय

akvlive.in

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डिंडौरी न्यूज | समनापुर जिले में लगातार गिरते भूजल स्तर और जल संकट की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन इसके बावजूद समनापुर क्षेत्र में रात के अंधेरे में अवैध बोर खनन का खेल खुलेआम जारी है। प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी कर देर रात भारी मशीनों से बोरिंग कराई जा रही है, जिससे शासन के निर्देशों और भूजल संरक्षण नियमों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार समनापुर क्षेत्र के कई स्थानों पर रात होते ही बोर खनन मशीनें सक्रिय हो जाती हैं और पूरी रात धड़ल्ले से नलकूप खनन का कार्य किया जाता है। सामने आई तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अंधेरे में मशीनों के जरिए बोरिंग का काम जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता और विभागीय निष्क्रियता के चलते अवैध बोर खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। लोगों का कहना है कि राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की अनदेखी के कारण प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम बोरिंग कराई जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि बिना संरक्षण या मिलीभगत के इतनी बड़ी गतिविधि लगातार संचालित होना संभव नहीं है।

क्षेत्रवासियों ने भूजल स्तर में लगातार हो रही गिरावट पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अनियंत्रित और अवैध बोर खनन के कारण आने वाले समय में गांवों में पेयजल संकट और अधिक गहरा सकता है। पहले से ही जल अभाव की स्थिति झेल रहे कई गांवों में गर्मी के मौसम में जल स्रोत सूखने लगे हैं, ऐसे में लगातार हो रहा बोर खनन भविष्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध बोर खनन में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रतिबंध आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने और रात में चल रही मशीनों पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर प्रभावी कार्रवाई करेगा, या फिर प्रतिबंध और नियम केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगे और रात के अंधेरे में चलता यह अवैध खेल यूं ही जारी रहेगा।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..