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पेसा मोबिलाइजरों की छुट्टी पर गरमाई राजनीति : तीन दिन में बहाली नहीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन

akvlive.in

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– पेसा मोबिलाइजरों के समर्थन में भारतीय मजदूर संघ

डिंडौरी। जिले में कार्यरत पेसा मोबिलाइजरों की सेवाएं समाप्त किए जाने के आदेश के खिलाफ अब विरोध तेज होने लगा है। भारतीय मजदूर संघ जिला डिंडौरी द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपकर पेसा मोबिलाइजरों की सेवाएं तत्काल बहाल करने की मांग की गई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिवस के भीतर सेवा बहाली नहीं की गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन में बताया गया है कि मध्यप्रदेश के 20 जिलों के 89 आदिवासी विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में वर्ष 2021 से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेसा मोबिलाइजर नियुक्त किए गए थे। हाल ही में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं, जिससे हजारों मोबिलाइजरों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि पेसा मोबिलाइजरों ने आदिवासी अंचलों एवं दुर्गम क्षेत्रों में लगातार कार्य करते हुए ग्राम सभाओं की नियमित बैठकें आयोजित कराईं तथा ग्रामीणों को पेसा कानून के प्रति जागरूक किया। इसके अलावा ग्राम स्तरीय पेसा समितियों के संचालन, योजनाओं के क्रियान्वयन और शासन की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पेसा मोबिलाइजरों ने लाड़ली बहना योजना, आयुष्मान कार्ड, भूमि एवं समग्र आईडी, संबल योजना, राशन, पेंशन और ई-केवाईसी जैसे कार्यों में ग्रामीणों की सहायता कर शासन-प्रशासन और आम जनता के बीच समन्वय स्थापित किया। संघ का कहना है कि इन्हीं प्रयासों के चलते मध्यप्रदेश को पेसा कार्यों के मूल्यांकन में देश में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ था।

भारतीय मजदूर संघ ने आरोप लगाया कि नई नीति निर्धारण प्रक्रिया लंबित होने के कारण सेवाएं समाप्त करना अन्यायपूर्ण है। संगठन ने मांग की है कि पूर्व की व्यवस्था अनुसार पेसा मोबिलाइजरों की सेवाएं पुनः बहाल की जाएं और उन्हें नियमित रूप से कार्य करने का अवसर दिया जाए।

संघ ने स्पष्ट किया कि यदि तीन दिवस के भीतर सेवा समाप्ति आदेश निरस्त नहीं किया गया तो भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..