डिंडौरी न्यूज | जिले में बहुप्रतीक्षित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगर परिषद डिंडौरी ने योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवास निर्माण में लापरवाही बरतने पर संबंधित संविदाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नगर परिषद कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यादेश क्रमांक 66 दिनांक 09 जनवरी 2017 के तहत एएचपी घटक में कुल 348 आवासों का निर्माण किया जाना था। हालांकि, लगभग 8 वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक केवल 150 आवासों का ही निर्माण पूरा हो पाया है, जिनमें से 128 आवासों का वितरण किया जा चुका है। वहीं 198 आवास आज भी अधूरे पड़े हैं।
प्रशासन ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए नाराजगी जताई है। निर्धारित समयावधि के बाद भी केवल करीब 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण होना न सिर्फ योजना की प्रगति पर सवाल खड़े करता है, बल्कि शासन स्तर की समीक्षा बैठकों में जिले की छवि को भी प्रभावित कर रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस पर अप्रसन्नता व्यक्त की है।
नगर परिषद ने स्पष्ट रूप से कहा है कि संविदाकार द्वारा कार्य में लापरवाही और स्वेच्छाचारिता बरती गई है, जो अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन है। समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करना गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है।
इसी के तहत संविदाकार को 01 अप्रैल 2026 को शाम 4 बजे कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया, तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्य के देयक मूल्य से 10 प्रतिशत की कटौती की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर यह संकेत साफ है कि विकास कार्यों में लापरवाही अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।









