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बैगा समाज ने पात्रता परीक्षा के नियम को बताया विशेष अधिकारों पर कुठाराघात, सीएम के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; आंदोलन की चेतावनी

akvlive.in

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– विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भर्ती में निर्धारित विशेष प्रावधान लागू करने की मांग, कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

डिंडौरी न्यूज। विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भरिया एवं सहरिया समाज से जुड़े प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कर्मचारी चयन मंडल भोपाल द्वारा समूह-02 उपसमूह-04 के सहायक संपरीक्षक कार्यपालिक पदों की सीधी भर्ती में पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही पद के लिए पात्रता दिए जाने के नियम का विरोध किया। इस संबंध में बैगा आदिम जनजाति समाज विकास एवं कल्याण संगठन मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर उक्त पात्रता परीक्षा संबंधी प्रावधान को विलोपित करने की मांग की।

समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि मध्यप्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों—बैगा, भरिया एवं सहरिया—के अभ्यर्थियों को तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के अकार्यपालिक पदों पर सीधी भर्ती में विशेष प्रावधानों के तहत छूट प्रदान की गई है। संगठन के अनुसार अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग आरक्षण हेतु विशेष प्रावधान अधिनियम, 1998 की धारा 4(ख) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए विशेष उपबंध किए गए हैं।

– भर्ती नियमों के विपरीत पात्रता परीक्षा लागू करने का आरोप

ज्ञापन में कहा गया है कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए शासन द्वारा निर्धारित विशेष उपबंधों का उद्देश्य इन समुदायों के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को सरकारी सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराना है। समाज का आरोप है कि वर्तमान में कर्मचारी चयन मंडल द्वारा सहायक संपरीक्षक कार्यपालिक पदों की सीधी भर्ती में पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किए जाने से इन विशेष प्रावधानों का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।

प्रतिनिधियों ने कहा कि बैगा, भरिया एवं सहरिया समुदाय के बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की आर्थिक स्थिति कमजोर है। आर्थिक तंगी के कारण उनके लिए प्रतियोगी एवं पात्रता परीक्षाओं की तैयारी करना भी चुनौतीपूर्ण होता है। इसी परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भर्ती प्रक्रिया में विशेष छूट का प्रावधान किया गया है।

समाज के प्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि सहायक संपरीक्षक कार्यपालिक पदों की सीधी भर्ती में पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता को समाप्त करते हुए विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए लागू विशेष भर्ती प्रावधानों के अनुरूप नियुक्ति प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

– मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो मध्यप्रदेश के बैगा समाज सहित विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भरिया एवं सहरिया के प्रतिनिधि महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस समस्या को उनके समक्ष रखेंगे।

इसके बाद भी यदि मांगों का निराकरण नहीं किया जाता है तो तीनों विशेष पिछड़ी जनजातियों के प्रतिनिधियों एवं समाजजनों द्वारा आंदोलन करने के लिए बाध्य होने की चेतावनी दी गई है। संगठन ने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

– ये प्रतिनिधि रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दलवीर सिंह धुर्वे, प्रदेश उपाध्यक्ष रूप सिंह तिलझरिया, सह सचिव गुलाब सिंह मरावी, शिव कुमार लखनपुरिया, प्रदेश सदस्य वैसाखु लकुडिया, मंगल टिकरिया, जिला सचिव महेंद्र धुर्वे, कमल सिंह धुर्वे (मीडिया प्रभारी), महेंद्र परस्ते, जनक सिंह परस्ते, लल्ला पट्टा, बाल सिंह परस्ते, रामगोपाल मरावी, अरविंद धुर्वे, केशव मरावी, वीर सिंह, यशवंत परस्ते, बजरंगी पट्टा सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

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