– NEET छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन,राष्ट्रपति-राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
– छात्रों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने, पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच और डिंडौरी की शैक्षणिक समस्याओं के समाधान की उठाई मांग
डिंडौरी। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) जिला डिंडौरी ने सोमवार को जिला मुख्यालय में रैली निकालकर केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति एवं मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए NEET परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं पर दर्ज प्रकरण वापस लेने, पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच कराने तथा डिंडौरी जिले की शैक्षणिक समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में देशभर के छात्र-छात्राओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था, जो संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत उनका अधिकार है। इसके बावजूद बिहार सहित अन्य भाजपा शासित राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित रूप से फर्जी प्रकरण दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, पेलेट गन और अन्य बल प्रयोग किए गए, जिससे बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने ज्ञापन में सवाल उठाया कि यदि छात्रों पर प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं तो निहत्थे छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। पार्टी ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 में प्रदत्त समानता के अधिकार के विपरीत बताते हुए दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में मांग की गई कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी प्रकरण तत्काल वापस लिए जाएं, जेल में बंद छात्रों को रिहा किया जाए, पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा घायल छात्रों को उचित मुआवजा और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही NEET परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की सीबीआई अथवा न्यायिक जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की गई।
– डिंडौरी की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी उठाए
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने जिले की शैक्षणिक व्यवस्थाओं को लेकर भी कई गंभीर मुद्दे ज्ञापन में शामिल किए। पार्टी ने कहा कि डिंडौरी पूर्णतः अनुसूचित क्षेत्र होने के बावजूद कई स्कूल भवन जर्जर अवस्था में हैं। जिन भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है, उनके स्थान पर नए भवनों का निर्माण अब तक शुरू नहीं हुआ है। उदाहरण के तौर पर जरहा नैझर मठिया टोला के प्राथमिक विद्यालय भवनों की स्वीकृति दिसंबर 2024 में मिलने के बावजूद निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने का उल्लेख किया गया।
ज्ञापन में जर्जर स्कूल भवनों का शीघ्र निर्माण, छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों की पदस्थापना, अतिरिक्त शिक्षकों का युक्तियुक्तीकरण, आश्रम छात्रावासों में छात्रवृत्ति राशि की कथित वसूली की निष्पक्ष जांच, छात्रावासों में पलंग, मच्छरदानी एवं निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने तथा वर्ष 2023-24 की लंबित छात्रवृत्ति राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग भी की गई।
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और शिक्षा से जुड़े इन मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।










