– स्कूल की बदहाली, खराब बोरिंग-नलकूप, सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट सहित कई मुद्दे उठे; लापरवाही पर सहायक सचिव व सचिव को निलंबन की चेतावनी
डिंडौरी। डिंडौरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बरगई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के पहुंचने पर ग्रामीणों और गांव की युवा टीम ‘गांव की आवाज’ ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा की। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव के साथ-साथ शासकीय स्कूल से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए सीईओ ने संबंधित अधिकारियों और पंचायत अमले को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के स्कूल का बोरिंग खराब पड़ा है, वहीं सड़क की स्थिति भी खराब है। नलकूप के खराब होने से पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो रही है। गांव में कुएं की सफाई, नाली निर्माण एवं पानी की निकासी के लिए रास्ते में पाइप डालने की आवश्यकता भी बताई गई।
– स्कूल में एक ही कक्ष में हो रही पढ़ाई
ग्रामीणों ने स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर भी जिला पंचायत सीईओ का ध्यान आकर्षित कराया। बताया गया कि स्कूल में बच्चों के लिए बनने वाला मध्याह्न भोजन स्कूल के कक्ष में ही तैयार किया जा रहा है, जबकि स्कूल में पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं होने के कारण एक ही कक्षा में बच्चों की पढ़ाई संचालित की जा रही है। स्कूल के रसोईघर की रिपेयरिंग, बच्चों के लिए भोजन की बेहतर व्यवस्था और विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त कराने की मांग भी ग्रामीणों ने रखी।
– सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की समस्या भी उठी
ग्रामीणों ने गांव में स्ट्रीट लाइट लगवाने, बांध की मरम्मत कराने तथा टूटी नालियों को दुरुस्त कराने की मांग की। इसके अलावा जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए आवश्यक स्थानों पर पाइप डालने और रास्तों को व्यवस्थित करने की बात भी सामने रखी गई।ग्रामीणों ने बताया कि इन समस्याओं के कारण आमजन के साथ बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
– स्कूल मैदान में पड़ा ठेकेदार का मटेरियल हटाने की चेतावनी
निरीक्षण के दौरान स्कूल के मैदान में ठेकेदार द्वारा निर्माण सामग्री डाले जाने का मामला भी सामने आया। इससे बच्चों के खेलने और विद्यालय परिसर के उपयोग में परेशानी हो रही थी। सीईओ ने इस मामले में संबंधित ठेकेदार को मटेरियल तत्काल हटाने की चेतावनी दी और विद्यालय परिसर को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।

– “दो दिन में काम शुरू होना चाहिए, नहीं तो कार्रवाई होगी”
गांव की युवा टीम ‘गांव की आवाज’ द्वारा एक-एक कर समस्याओं को सीईओ के सामने रखा गया। युवाओं द्वारा गांव की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की सराहना करते हुए सीईओ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि युवाओं द्वारा बताई गई समस्याओं पर दो दिन के भीतर काम शुरू हो जाना चाहिए।
सीईओ ने सख्त लहजे में कहा कि यदि निर्धारित समय में समस्याओं के समाधान की दिशा में काम शुरू नहीं हुआ तो संबंधित सहायक सचिव और सचिव के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई की जाएगी। इस निर्देश के बाद पंचायत स्तर पर समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद जगी है।
– 12 अगस्त के महा पौधारोपण कार्यक्रम पर भी हुई चर्चा
इसी दौरान गांव की युवा टीम ‘गांव की आवाज’ ने आगामी 12 अगस्त को आयोजित होने वाले महा पौधारोपण कार्यक्रम के संबंध में भी जिला पंचायत सीईओ से चर्चा की। युवाओं ने कार्यक्रम की तैयारियों और ग्रामीणों की सहभागिता के बारे में जानकारी दी।सीईओ ने युवाओं की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे भी महा पौधारोपण कार्यक्रम में सहयोग करेंगे। इससे युवाओं में उत्साह देखने को मिला।











