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तुम्हारा भगवान कोई काम का नहीं कहना पड़ा भारी : धर्मांतरण मामले में 7 आरोपियों को 5 साल की जेल

akvlive.in

Published

– प्रलोभन देकर धर्मांतरण के प्रयास में 7 दोषी करार, सभी आरोपियों को कारावास एवं 1 -1 लाख रुपए अर्थदंड की सजा

डिंडौरी न्यूज । जिले के समनापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया में कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने और हिंदू धर्म व देवी-देवताओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश डिंडौरी श्री शिव कुमार कौशल की अदालत ने सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने मामले को धार्मिक भावनाओं को आहत करने, विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने तथा प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के प्रयास का गंभीर अपराध माना।

प्रकरण के अनुसार ग्राम पिपरिया निवासी फरियादी अंगद सिंह मरावी ने 27 अप्रैल 2024 को आरक्षी केंद्र समनापुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके रिश्तेदार सुदय मरावी के घर में ग्राम दिवारी के करन सिंह मरावी सहित अन्य लोग लगातार आकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रहे थे। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों द्वारा गरीबी दूर करने, आर्थिक सहायता देने और सभी परेशानियां खत्म करने का लालच देकर ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

– धर्म परिवर्तन के लिए लालच और दबाव का आरोप

अभियोजन के अनुसार घटना वाले दिन शाम करीब 7:30 बजे आरोपीगण सुदय मरावी के घर पहुंचे और कथित रूप से कहा कि यदि वे ईसाई धर्म अपनाएंगे तो उन्हें धन मिलेगा, गरीबी दूर होगी तथा सभी कष्ट समाप्त हो जाएंगे। विरोध करने पर आरोपियों ने हिंदू धर्म और देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां कीं तथा धर्म परिवर्तन नहीं करने पर परेशान करने की धमकी भी दी।

फरियादी ने बताया कि घटना के दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच अंगद सिंह बनवासी, उपसरपंच दिनेश राजपूत सहित अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने आरोपियों की बातचीत सुनी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए, 295-ए तथा मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की।

गवाहों ने अदालत में किया घटनाक्रम का समर्थन

विचारण के दौरान फरियादी अंगद सिंह मरावी सहित कई प्रत्यक्षदर्शी गवाहों ने अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए। गवाहों ने बताया कि आरोपीगण ईसाई धर्म को श्रेष्ठ बताते हुए हिंदू धर्म को तुच्छ बता रहे थे तथा लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे थे। गवाहों ने यह भी कहा कि आरोपियों द्वारा देवी-देवताओं के पूजास्थल का अपमान किया गया और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कथन किए गए।

अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों, जब्त की गई धार्मिक पुस्तकों, दस्तावेजों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने माना कि आरोपियों ने सामान्य आशय के तहत मिलकर धार्मिक आधार पर वैमनस्य फैलाने, धार्मिक भावनाएं आहत करने तथा प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया।

– इन आरोपियों को ठहराया गया दोषी

न्यायालय ने संतोष परस्ते पिता अजीत परस्ते उम्र 22 वर्ष, संजय पिता बलदेव मरकाम उम्र 20 वर्ष,अमित कुमार पिता प्यारे सिंह उम्र 24 वर्ष,प्रमोद पिता प्यारे सिंह उम्र 28 वर्ष ,करन सिंह मरावी उम्र 40 वर्ष,छोट सिंह धुर्वे उम्र 49 वर्ष तथा जीतसिंह के विरुद्ध धर्मांतरण मामलें में दोषसिद्ध पाया।

न्यायालय ने सभी दोषियों को धारा 153-ए सहपठित धारा 34 के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड, तथा धारा 295-ए सहपठित धारा 34 के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के अंतर्गत अधिकांश दोषियों को 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं 1 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया, अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि साक्ष्यों से यह प्रमाणित हुआ है कि आरोपियों ने लोगों को आर्थिक लाभ और परेशानियों से मुक्ति का प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया, साथ ही हिंदू धर्म एवं उसके देवी-देवताओं के संबंध में अपमानजनक टिप्पणियां कर धार्मिक सौहार्द को प्रभावित करने का प्रयास किया। इसलिए अभियोजन द्वारा लगाए गए आरोप संदेह से परे सिद्ध होते हैं। अभियोजन के तरफ से लोक अभियोजक आर के दुबे एवं अधिवक्ता आकाश यादव ने न्यायालय के समक्ष पीड़ितों का पक्ष रखा।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..