डिंडौरी न्यूज । जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के तहत मंगलवार को डिंडौरी में अनूठी जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में निकाली गई “नशे की शव यात्रा” ने शहरवासियों का ध्यान आकर्षित किया और लोगों को नशे के दुष्परिणामों से दूर रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदोरिया के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे के मार्गदर्शन में हुआ। पुलिस अधीक्षक श्री खरे ने अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को नशामुक्त रहने की शपथ दिलाई तथा जागरूकता यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

बैंड-बाजों, प्रेरक नारों और नशामुक्ति संबंधी स्लोगनों के साथ निकली यह प्रतीकात्मक शव यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान “नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें” और “नशे से दूरी, जीवन में खुशहाली” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। रैली को देखने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक मार्गों पर एकत्रित हुए और कई लोगों ने नशे से दूर रहने का संकल्प भी लिया।
जागरूकता यात्रा का समापन कलेक्ट्रेट तिराहे पर हुआ, जहां सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों का प्रतीकात्मक दहन कर समाज की ओर से नशे के प्रति अस्वीकृति व्यक्त की गई। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने स्वयं नशा न करने और अपने परिवार तथा समाज को भी नशे से दूर रखने की शपथ ली।
कार्यक्रम में अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, डिप्टी कलेक्टर वैद्यनाथ वासनिक, एसडीओपी बजाग विवेक कुमार गौतम, एसडीओपी डिंडौरी सतीश कुमार द्विवेदी, उपसंचालक सामाजिक न्याय श्याम सिंगौर सहित जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
अधिकारियों ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और भविष्य को भी प्रभावित करता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर नशामुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाए।










