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डिंडौरी नेशनल लोक अदालत में न्याय के साथ रिश्तों का पुनर्मिलन, 172 मामलों का समाधान

akvlive.in

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डिंडौरी न्यूज । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को जिला न्यायालय डिंडौरी परिसर में नेशनल लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। लोक अदालत में आपसी समझौते के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित निराकरण किया गया, वहीं कई टूटते रिश्तों को भी नई जिंदगी मिली। अदालत परिसर में दिनभर न्याय और समझौते का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष शशिकान्ता वैश्य, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय एम.एल. राठौर, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया तथा अधिवक्ता संघ अध्यक्ष यू.के. पटेरिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों ने लोक अदालत को न्याय व्यवस्था का सरल, सुलभ और मानवीय माध्यम बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की।

लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, दीवानी एवं आपराधिक प्रकरणों सहित बैंक ऋण, विद्युत बिल और नगरपालिका कर संबंधी मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निराकरण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मुग्धा कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कुल 172 लंबित प्रकरणों का निराकरण कर 16 लाख 19 हजार 362 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। वहीं प्रीलिटिगेशन श्रेणी के 142 मामलों का निराकरण कर विभिन्न विभागों को 12 लाख 89 हजार 811 रुपये की राशि प्राप्त हुई।

लोक अदालत की सबसे भावुक और प्रेरणादायक तस्वीर पारिवारिक मामलों में देखने को मिली, जहां लंबे समय से विवादों में उलझे कई दंपत्तियों ने न्यायालय की समझाइश और मध्यस्थता के बाद अपने मतभेद भुलाकर फिर साथ रहने का निर्णय लिया। कुटुम्ब न्यायालय में चल रहे एक भरण-पोषण प्रकरण में पति-पत्नी ने आपसी विवाद समाप्त कर पुनः परिवार बसाने का फैसला लिया। इसी प्रकार अन्य मामलों में भी दंपत्तियों ने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और पारिवारिक सुख-शांति को प्राथमिकता देते हुए रिश्तों को नया अवसर दिया। लोक अदालत के माध्यम से तीन टूटे परिवारों का पुनर्मिलन चर्चा का विषय बना रहा।

इसके अलावा एक आपराधिक मामले में भी न्यायालय एवं डिफेंस काउंसिल की पहल पर आरोपी और फरियादी के बीच समझौता कराया गया। समझौते के तहत राशि वापस किए जाने के बाद मामला समाप्त हुआ तथा आरोपियों को जेल से रिहा कर दिया गया।

नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा सहित न्यायालयीन अधिकारी, अधिवक्ता, पक्षकार एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..