भोपाल न्यूज । मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों के साथ-साथ कई जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं। शासन ने तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापनाएं करते हुए संबंधित अधिकारियों को नए दायित्व सौंपे हैं।
आदेश के अनुसार वर्ष 2011 बैच के आईएएस अधिकारी दिनेश जैन को वाणिज्य, उद्योग एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का आयुक्त-सह-संचालक बनाया गया है। साथ ही उन्हें अपर सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
इसी प्रकार गिरीश शर्मा को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग में अपर सचिव नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले मध्यप्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।
वर्ष 2014 बैच के आईएएस अधिकारी अंकित अस्थाना को उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के साथ कर्मचारी चयन मंडल के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

– चार जिलों के कलेक्टर बदले
शासन के आदेश में चार जिलों के कलेक्टरों का भी तबादला किया गया है,,
मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का परियोजना संचालक तथा राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड की मुख्य कार्यपालन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें एसएसआर ग्लोबल स्किल पार्क का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
– छतरपुर कलेक्टर पार्थ जायसवाल को शहडोल जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है।
– बालाघाट कलेक्टर मृणाल मीणा को छतरपुर जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
– ग्वालियर के अपर कलेक्टर कुमार सत्यम को बालाघाट का नया कलेक्टर बनाया गया है।
– इसके अलावा रतलाम कलेक्टर मीशा सिंह को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल में अपर आयुक्त पद पर पदस्थ किया गया है।
– अतिरिक्त प्रभार में भी बदलाव
आदेश में वर्ष 2012 बैच के आईएएस अधिकारी स्वरोचिष सोमवंशी को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ राज्य योजना आयोग में सदस्य सचिव तथा अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
वहीं, उक्त अतिरिक्त प्रभार ग्रहण करने के बाद आईएएस अरिंदम घोष से राज्य योजना आयोग और अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिए गए हैं।
शासन ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक लागू रहेंगी। यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यों में गति लाने, विभागीय समन्वय मजबूत करने तथा विभिन्न जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।












