डिंडौरी। जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक-5 में एक 23 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। विवाह के महज ढाई महीने बाद हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मृतका के मायके पक्ष ने सास-ससुर पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार डिंडौरी नगर के वार्ड क्रमांक-5 निवासी 23 वर्षीय खुश्बू साहू का शव सोमवार को उसके ससुराल स्थित घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
– शादी के ढाई महीने बाद उजड़ गया परिवार
परिजनों के अनुसार खुश्बू साहू का विवाह 6 मई 2026 को डिंडौरी निवासी अंकित साहू के साथ हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। मृतका के बड़े पिता ने बताया कि शनिवार को ही खुश्बू को विदा कराकर उसका पति ससुराल लेकर आया था, लेकिन महज दो दिन बाद उसकी मौत की सूचना मिलने से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। जिस बेटी को खुशहाल जीवन की कामना के साथ विदा किया था, उसकी अर्थी उठने की खबर ने परिजनों को तोड़कर रख दिया।
– फोन पर मिली तबीयत खराब होने की सूचना, पहुंचने पर मिली बेटी की लाश
मामले ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया जब मृतका के मायके पक्ष ने सास-ससुर पर प्रताड़ना के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि सोमवार शाम ससुराल पक्ष से फोन कर बताया गया कि खुश्बू की तबीयत खराब है। सूचना मिलते ही उसके माता-पिता और भाई लालपुर से तत्काल डिंडौरी पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्होंने खुश्बू को मृत अवस्था में पाया। बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
– अस्पताल पहुंचे एसडीओपी और तहसीलदार, दर्ज हुए बयान
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी सतीश द्विवेदी एवं तहसीलदार जिला अस्पताल पहुंचे। यहां मृतका के मायके पक्ष के बयान दर्ज किए गए और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को बारीकी से परखा जा रहा है।
– हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवविवाहिता ने आत्महत्या किन परिस्थितियों में की। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि कहीं उसे मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित तो नहीं किया जा रहा था। चूंकि विवाह को सात वर्ष से कम समय हुआ था, इसलिए पुलिस मामले की जांच संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत भी कर रही है। यदि जांच में प्रताड़ना या अन्य आपराधिक तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित आरोपियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक तथ्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।












