डिंडौरी न्यूज । मेहंदवानी विकासखंड के सुखलोडी और खजरवारा गांवों के लिए दनदना जलाशय (देवरगढ़ बांध) से निकली 17 किलोमीटर लंबी नहर वरदान साबित हो रही है। यह नहर जहां किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाकर कृषि उत्पादन को बढ़ावा दे रही है, वहीं ग्रामीणों की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा कर जल सुरक्षा की मजबूत आधारशिला भी बन गई है।
गर्मी के मौसम में जब अधिकांश जल स्रोतों का जलस्तर घटने लगता है, तब दनदना जलाशय की नहर दोनों गांवों के लिए भरोसेमंद जल स्रोत के रूप में काम करती है। नहर के पानी से भूजल स्तर में लगातार सुधार हो रहा है, जिससे कुएं, हैंडपंप और अन्य जल स्रोत लंबे समय तक जलयुक्त बने रहते हैं। इसका सीधा लाभ ग्रामीणों और पशुपालकों को मिल रहा है।
सुखलोडी गांव की लगभग 800 आबादी के लिए नल-जल योजना का प्रमुख आधार नहर से रिचार्ज होने वाला कुआं है। गांव में करीब 200 परिवारों को घरेलू जल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। ग्रामीणों ने कुएं के समीप रिचार्ज पिट बनाकर नहर के पानी को भूगर्भ में पहुंचाने की व्यवस्था की है, जिससे पूरे वर्ष कुएं का जलस्तर बना रहता है। इसके बाद मोटरों की सहायता से पानी को टंकी तक पहुंचाकर घर-घर आपूर्ति की जाती है।

इसी प्रकार खजरवारा गांव में भी नहर का पानी स्थानीय जल स्रोतों के पुनर्भरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे कुएं, हैंडपंप और तालाबों में पर्याप्त जल उपलब्ध बना हुआ है। ग्रामीणों को दैनिक उपयोग के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है और पशुओं के लिए भी जल संकट की स्थिति नहीं बन रही है।
सुखलोडी ग्राम पंचायत के सरपंच शंभूलाल मरावी ने बताया कि नहर के कारण गांव की पेयजल व्यवस्था मजबूत हुई है। लगभग 200 परिवारों तक नियमित रूप से पानी पहुंचाया जा रहा है और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से योजना का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
दनदना जलाशय की नहर जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और ग्रामीण पेयजल सुरक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है। यह नहर केवल खेतों की सिंचाई नहीं कर रही, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और जल संकट से राहत दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।









