– NEET पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उठाई मांग, कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली
डिंडौरी न्यूज । देशभर में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के क्रम में रविवार को डिंडौरी में भी छात्र संगठनों, बुद्धिजीवियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए NEET-UG पेपर लीक सहित विभिन्न परीक्षा अनियमितताओं पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।

प्रदर्शन की शुरुआत सीवी कॉलेज गेट से हुई, जहां छात्र-छात्राएं, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए। यहां शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं तथा छात्रों की समस्याओं पर चर्चा की गई। इसके बाद सभी ने कॉलेज तिराहा से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों में NEET, UGC-NET सहित कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक, परीक्षा प्रबंधन की खामियां और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी के कारण लाखों युवाओं का विश्वास प्रभावित हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2026 में NEET-UG पेपर लीक से आहत होकर कुछ छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली, जिससे शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता और बढ़ गई है।
ज्ञापन में मांग की गई कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को पूर्णतः पारदर्शी, सुरक्षित एवं जवाबदेह बनाया जाए। परीक्षा सुधार के लिए उच्चस्तरीय स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित कर पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों से सरकार संवाद स्थापित करे और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर संविधान और कानून के अनुरूप उचित स्तर पर कार्रवाई करने का भी आग्रह किया गया।

ज्ञापन में देशभर में समान शिक्षा व्यवस्था और एक समान पाठ्यक्रम लागू करने की मांग की गई ताकि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सके। साथ ही डिंडौरी जैसे दूरस्थ एवं आदिवासी जिलों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षा केंद्र स्थापित करने की मांग भी रखी गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि भविष्य में NEET-UG परीक्षा को ऑनलाइन किया जाता है तो उससे पहले सभी शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण कंप्यूटर शिक्षा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा कम से कम पांच वर्षों तक विद्यार्थियों को इसके लिए तैयार करने के बाद ही ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि NEET-UG पेपर लीक से प्रभावित होकर जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वास बहाल करना है।
इस दौरान जयस प्रदेश अध्यक्ष इंद्रपाल मरकाम, योगेश तेकाम, नागेंद्र धुर्वे, कैलाश मरावी,दीपक ठाकुर, रामस्वरूप धुर्वे, संतोष सिंह चंदेल, दीपक मसराम, अर्चना मार्को,सहित जयस संगठन, अधिवक्ता संघ, एनएसयूआई तथा विभिन्न छात्र संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।









