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शराब के नशे में हवलदार पर हादसा करने का आरोप : दो बहनों के घायल होने के बाद गाड़ासरई पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

akvlive.in

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डिंडौरी न्यूज । जिले के गाड़ासरई थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे ने अब नया मोड़ ले लिया है। स्कूटी सवार दो बहनों को टक्कर मारकर घायल करने के मामले में परिजनों ने गाड़ासरई थाने में पदस्थ एक हवलदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि दुर्घटना करने वाला वाहन चालक कोई अज्ञात व्यक्ति नहीं, बल्कि गाड़ासरई थाने में पदस्थ एक हवलदार है, जो कथित रूप से शराब के नशे में वाहन चला रहा था। वहीं पुलिस द्वारा वाहन चालक के नाम के बजाय केवल वाहन नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 29 मई की रात करीब 10:30 बजे ग्राम बरगांव स्थित स्वामी विवेकानंद स्कूल के पास स्कूटी सवार रूपाली जायसवाल और रिया जायसवाल को कार क्रमांक MP52CA2655 ने जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में दोनों बहनें गंभीर रूप से घायल हो गईं। एक को पैर में गंभीर चोट आई, जबकि दूसरी को अंदरूनी चोटें आने के साथ रक्तस्राव होने लगा। स्थानीय लोगों की सूचना पर डायल-112 की टीम ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को उपचार हेतु रैफर किया गया है।

मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता सुभाष कुमार जायसवाल ने दुर्घटना की रिपोर्ट थाना गाड़ासरई में दर्ज कराई है। एफआईआर में कार क्रमांक MP52CA2655 का उल्लेख किया गया है, लेकिन चालक का नाम अज्ञात दर्शाया गया है। इसी बिंदु को लेकर अब पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने दुर्घटना करने वाले वाहन चालक का नाम और वाहन नंबर दोनों पुलिस को बताए थे, इसके बावजूद पुलिस ने नामजद आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज करने के बजाय केवल वाहन नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि दुर्घटना के समय संबंधित हवलदार शराब के नशे में था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि दुर्घटना के बाद जब वे शिकायत लेकर देर रात थाना गाड़ासरई पहुंचे तो वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी या पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। परिजनों के अनुसार जिस पुलिसकर्मी पर दुर्घटना करने का आरोप है, वह थाना भवन के ऊपरी कमरे में खुद को बंद किए हुए था । घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय यह भी बना हुआ है कि यदि दुर्घटना में किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता है तो मामले की निष्पक्ष जांच कैसे सुनिश्चित की जाएगी।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..