डिंडौरी । जिले के समनापुर विकासखंड में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों में आ गई है। जनपद पंचायत समनापुर ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए कलेक्टर डिंडौरी को प्रस्ताव भेजा है। मामला स्थायी शिक्षा समिति की बैठकों में मांगी गई महत्वपूर्ण जानकारियों को समय पर उपलब्ध नहीं कराने से जुड़ा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 फरवरी 2026 को आयोजित स्थायी शिक्षा समिति की बैठक में विकासखंड अंतर्गत विद्यालयों की आय-व्यय संबंधी विवरण, संकुल स्तर के अभिलेख एवं कर्मचारियों की सेवा संबंधी जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। समिति द्वारा यह जानकारी प्रशासनिक समीक्षा एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के उद्देश्य से मांगी गई थी।
बताया गया है कि बैठक के बाद भी संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके चलते जनपद पंचायत समनापुर द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी को पत्र क्रमांक 685 दिनांक 16 अप्रैल 2026 जारी कर जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला तो 19 मई 2026 को स्मरण पत्र क्रमांक 1214 जारी कर पुनः जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
आरोप है कि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा आवश्यक अभिलेख और जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई। जनपद पंचायत ने इसे स्थायी शिक्षा समिति के निर्णयों की अवहेलना तथा शासकीय कार्यों में लापरवाही माना है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि जानकारी नहीं मिलने से समिति के निर्णयों के पालन में बाधा उत्पन्न हुई और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए।
मामले को गंभीर मानते हुए जनपद पंचायत समनापुर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए पूरा मामला कलेक्टर डिंडौरी को भेज दिया है। अब प्रशासनिक स्तर पर इस मामले की जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।












