—Advertisement—

डिंडौरी में एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot April 26, 2026

—Advertisement—

– कड़ी निगरानी में दो सत्रों में हुई परीक्षा

डिंडौरी न्यूज। रविवार को जिले में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की प्रारंभिक परीक्षा 2026 शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा का आयोजन जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय एवं शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डिंडौरी सहित विभिन्न केंद्रों पर किया गया।

जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में परीक्षा से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई थीं। कलेक्टर ने स्वयं शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हो सकी।

परीक्षा दो चरणों में आयोजित की गई। प्रथम सत्र सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा द्वितीय सत्र दोपहर 2:15 बजे से शाम 4:15 बजे तक चला। प्रथम सत्र में पंजीकृत 1033 अभ्यर्थियों में से 784 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि द्वितीय सत्र में 773 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। कुल मिलाकर 260 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

परीक्षा के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। सभी केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ स्वास्थ्य टीम, पेयजल व्यवस्था, सघन तलाशी (फिस्किंग) और प्रत्येक कक्ष में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित की गई। इसके अलावा परिवेक्षक एवं उड़नदस्ता दल द्वारा लगातार निरीक्षण किया जाता रहा। इस वर्ष आयोग द्वारा इंदौर से कैमरों के माध्यम से परीक्षा की सीधी मॉनिटरिंग भी की गई, जिससे पारदर्शिता और अधिक सुदृढ़ हुई।

परीक्षा व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए संभागीय प्रेक्षक डॉ. अशोक भार्गव, जिला नोडल अधिकारी वैद्यनाथ वासनिक, एसडीएम रामबाबू देवागन, जनसंपर्क अधिकारी चेतराम अहिरवार, रूपेंद्र पांडेय सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी लगातार केंद्रों का निरीक्षण करते रहे और व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखा।

जिला प्रशासन की सतर्कता और समन्वित प्रयासों के चलते एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा जिले में पूर्णतः शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

Leave a Comment