– सीएम, प्रभारी मंत्री और एसपी को सौंपा ज्ञापन, कहा — ‘सच्चाई दबाने का हो रहा प्रयास
अनूपपुर। जिले के बिजुरी थाना क्षेत्र में नाबालिग युवती और घटना के कथित चश्मदीद गवाह की लगातार हुई संदिग्ध मौतों ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मामले को लेकर अब राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी जिला अनूपपुर के जिलाध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को ज्ञापन सौंपते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।
भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बिजुरी निवासी नाबालिग युवती सिमरन केवट की 20 मई 2026 की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। युवती गंभीर हालत में शासकीय चिकित्सालय बिजुरी पहुंचाई गई थी, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतका के परिजनों, स्थानीय जनसमुदाय और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को सामूहिक दुष्कर्म एवं सुनियोजित हत्या का मामला बताया है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि घटना से जुड़े अहम प्रत्यक्षदर्शी अमन यादव की 23 मई को बोरीडांड रेलवे स्टेशन के समीप संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। अमन यादव को इस मामले का महत्वपूर्ण गवाह बताया जा रहा था। लगातार दो मौतों के बाद पूरे क्षेत्र में भय, आक्रोश और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं और सच्चाई को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा जिलाध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि प्रारंभिक जांच के बावजूद पुलिस अब तक स्पष्ट और संतोषजनक जानकारी सामने नहीं ला सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल तथ्यों और पुलिस के बयानों में पारदर्शिता का अभाव दिखाई दे रहा है, जिससे आमजन के बीच संदेह गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा मामले को सामान्य घटना बताने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि परिस्थितियां गंभीर आपराधिक षड्यंत्र की ओर संकेत कर रही हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ समय पूर्व बिजुरी क्षेत्र में एक अन्य नृशंस दोहरे हत्याकांड की घटना सामने आ चुकी है, जिससे क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बढ़े हैं और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लगातार हो रही गंभीर घटनाओं से स्थानीय नागरिकों में दहशत का वातावरण निर्मित हो गया है।
भाजपा जिला अध्यक्ष ने मांग की है कि बिजुरी थाना प्रभारी को तत्काल हटाकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जनता का विश्वास कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से उठ जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सभी की निगाहें शासन और पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।












