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डिंडौरी के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय पिट्टू प्रतियोगिता में लहराया परचम, देशभर में बढ़ाया जिले का मान

akvlive.in

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डिंडौरी न्यूज । भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में पारंपरिक खेलों का विशेष महत्व रहा है। ये खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, सौहार्द और सामूहिक चेतना को मजबूत करने का सशक्त माध्यम भी हैं।

देश में पारंपरिक खेलों के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुजरात के सूरत में आयोजित तीसरी सब जूनियर एवं जूनियर नेशनल पिट्टू चैंपियनशिप (बालक एवं बालिका) में मध्यप्रदेश सहित देशभर के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

‘पिट्टू फेडरेशन ऑफ गुजरात’ द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पिट्टू फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए विजेता टीमों को पुरस्कृत किया और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

पिट्टू एसोसिएशन डिंडौरी के सचिव धर्मेंद्र मार्को ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले से 9 छात्र-छात्राओं ने ट्राइबल वेलफेयर पिट्टू एसोसिएशन भारत के माध्यम से राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया। जूनियर बालक वर्ग की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लीग मुकाबलों में दिल्ली और उत्तराखंड की टीमों को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इसके बाद हार्ड लाइन मुकाबले में उत्तरप्रदेश को पराजित कर राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया।

डिंडौरी जिले से दिलसान निगुनिया, तेजनारायण टेकाम, नरेंद्र परते और विनोद धुर्वे टीम के प्रमुख खिलाड़ी रहे। सभी खिलाड़ी राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह बालक छात्रावास खुड़िया, समनापुर में रहकर अध्ययन कर रहे हैं। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से जिले में खुशी का माहौल है और खेल प्रेमियों में उत्साह देखने को मिल रहा है।

स्थानीय लोगों एवं खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद आदिवासी अंचल के बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित कर डिंडौरी जिले को गौरवान्वित किया है।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..