डिंडौरी न्यूज।एक ओर मध्यप्रदेश सरकार प्रदेशभर में “नशा मुक्ति अभियान” चलाकर लोगों को सिगरेट, बीड़ी और अन्य नशे से दूर रहने के लिए जागरूक कर रही है, वहीं दूसरी ओर डिंडौरी जिले के गाडासरई ग्राम पंचायत में पदस्थ सचिव उमेश साहू का आचरण इस अभियान की मंशा पर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सचिव उमेश साहू को कई बार ग्राम पंचायत कार्यालय में ही सरकारी कुर्सी पर बैठकर धूम्रपान करते देखा गया है। जिस स्थान पर आमजन अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं, वहीं इस प्रकार का व्यवहार न केवल अनुचित है, बल्कि सरकारी सेवा आचरण नियमों के भी विपरीत माना जा रहा है।
गौरतलब है कि शासन द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान को प्रतिबंधित किया गया है और “धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है” जैसे संदेशों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाई जा रही है। ऐसे में एक जिम्मेदार पद पर बैठे लोक सेवक का इस तरह का आचरण जनता के बीच गलत संदेश देता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अधिकारी स्वयं नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आम नागरिकों से क्या अपेक्षा की जा सकती है। ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग भी की है।
सूत्रों के अनुसार, पंचायत में विकास कार्यों को लेकर भी पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। अब इस नए मामले ने प्रशासनिक कार्यशैली पर और संदेह पैदा कर दिया है।












