डिंडौरी न्यूज। जिले के सुदूर वनांचल और आकांक्षी विकासखंड बजाग में सोमवार को परंपरा और आधुनिकता का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे प्रदेश के सामने नवाचार की एक नई मिसाल पेश की है। अवसर था मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन का, जिसे जिला प्रशासन ने एक ‘डिजिटल मिशन’ में बदल दिया। यहाँ परिणय सूत्र में बंधे 200 नवविवाहित जोड़ों ने दाम्पत्य जीवन की शुरुआत के साथ-साथ देश के प्रति अपनी नागरिक जिम्मेदारी निभाते हुए ऑनलाइन ‘स्व जनगणना’ (Self-Enumeration) की।
– विवाह स्थल बना जनगणना का ‘स्मार्ट सेंटर’
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एसडीएम श्री रामबाबू देवांगन ने आयोजन स्थल को ही जनगणना केंद्र का स्वरूप दे दिया। 16 से 30 अप्रैल तक चलने वाले प्रदेशव्यापी ‘स्व जनगणना’ अभियान को गति देने के लिए कार्यक्रम स्थल पर विशेष डिजिटल काउंटर और हेल्प डेस्क स्थापित किए गए। यहाँ तैनात प्रशिक्षित शिक्षकों ने न केवल ग्रामीणों को प्रक्रिया समझाई, बल्कि उनके मोबाइल से ही फॉर्म भरने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।

– सात फेरों के बाद पहला काम: डिजिटल पंजीकरण
इस आयोजन की सबसे भावुक और प्रेरक तस्वीर तब सामने आई जब विवाह की रस्में पूरी होते ही कई नवविवाहित जोड़ों ने सीधे जनगणना काउंटर का रुख किया। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के इन युवाओं ने मोबाइल के माध्यम से अपना डेटा ऑनलाइन दर्ज कर यह संदेश दिया कि वे तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार हैं। विवाह में शामिल होने आए हजारों ग्रामीणों और परिजनों को भी इस दौरान शिक्षकों ने समूहों में एकत्रित कर ऑनलाइन फॉर्म भरना सिखाया।
– विशेष आकर्षण: सेल्फी पॉइंट और जागरूकता केंद्र
प्रशासन ने तकनीक के प्रति झिझक दूर करने के लिए विवाह स्थल पर आकर्षक ‘सेल्फी पॉइंट’ बनाए थे। यहाँ जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम जनता ने पहले सेल्फी ली और फिर वहीं मौजूद क्यूआर कोड व लिंक के माध्यम से अपनी जनगणना प्रक्रिया को समझा। वनांचल क्षेत्रों में इंटरनेट की कमी और तकनीकी अज्ञानता को दूर करने के लिए यह एक ‘ऑन-द-स्पॉट’ समाधान साबित हुआ।








