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करोड़ों की नल-जल योजना बनी सफेद हाथी : ग्रामीणों को लोटा भर पानी भी नसीब नहीं!

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot April 19, 2026

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Dindori Today News,डिंडौरी न्यूज। “हर घर नल, हर घर जल” के बड़े-बड़े दावों के साथ शुरू की गई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना जमीनी हकीकत में दम तोड़ती नजर आ रही है। डिंडौरी जिले के समनापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत नान डिंडौरी में करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, जबकि कई परिवार आज भी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।

1 करोड़ 15 लाख रुपए की लागत से निर्मित जल जीवन मिशन योजना

– करोड़ों खर्च, फिर भी सूखी टोंटियां

जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2022 में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से 1 करोड़ 15 लाख रुपए की लागत से नल-जल योजना स्वीकृत की गई थी। कार्य 30 अप्रैल 2022 से प्रारंभ होकर 30 मार्च 2023 को पूर्ण दिखाया गया। योजना के तहत नान डिंडौरी और बैगा बाहुल्य ग्राम कमको के ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराना था। जमीनी स्थिति इसके उलट है—गांव में टंकी, संपवेल और पाइपलाइन तो दिखाई देते हैं, लेकिन नलों में पानी नहीं पहुंच रहा। ग्रामीणों का कहना है कि योजना सिर्फ कागजों और दिखावे तक सीमित रह गई है।

हेडपंप से पानी भरती हुई ग्रामीण महिलाएं

– दो माह से ठप जल आपूर्ति, महिलाएं परेशान

ग्रामीणों के अनुसार, पाइपलाइन बार-बार फटने के कारण पिछले दो महीनों से जल आपूर्ति पूरी तरह बंद है। पेयजल संकट के चलते महिलाओं को कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है, वहीं हैंडपंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं।

– पुराने पाइप को नया बताकर खेल?

ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि ठाकुर टोला और बनवासी टोला में नई पाइपलाइन डालने के बजाय वर्षों पुराने पाइपलाइन को ही योजना से जोड़ दिया गया। अब स्थिति यह है कि पाइपलाइन जाम होने के कारण एक बूंद पानी भी सप्लाई नहीं हो रही।

पंचायत द्वारा वर्षों पहले कराए गए कार्य से जल जीवन मिशन को जोड़ा

इतना ही नहीं, कई जगह घर-घर नल कनेक्शन के नाम पर सिर्फ रेडीमेड प्लेटफॉर्म रख दिए गए हैं, जिन्हें मुख्य पाइपलाइन से जोड़ा ही नहीं गया। इससे साफ है कि आंकड़ों में लक्ष्य पूरा दिखाने के लिए काम किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई वास्तविक सुविधा नहीं दी गई।

ठाकुर टोला और बनवासी टोला की तरफ जाने वाली पाईपलाइन बंद

– दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

बनवासी टोला के हालात और भी बदतर हैं। यहां के अधिकांश हैंडपंप सूख चुके हैं, जबकि स्कूल के पास लगे हैंडपंप से मटमैला और बदबूदार पानी निकल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी में डीजल जैसी दुर्गंध आती है, फिर भी मजबूरी में वही पानी पीना पड़ रहा है।

– ठेकेदार पर मनमानी के आरोप

इस पूरी योजना का कार्य रेड सर्कल इंडस्ट्रीज, नागपुर द्वारा किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार ने विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से पुराने कार्यों को नया दिखाकर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की है और लाभार्थियों के फर्जी आंकड़े तैयार किए गए हैं। स्थानीय निवासी नाथूराम बनवासी का कहना है कि उनके मोहल्ले में सिर्फ प्लेटफॉर्म रखे गए हैं, लेकिन पाइपलाइन से कोई कनेक्शन नहीं है। वहीं वार्ड पंच भगत राम ठाकुर ने बताया कि कई जगहों पर पुरानी पाइपलाइन में ही योजना जोड़ दी गई, जिससे पूरी व्यवस्था ठप हो गई।

इस तरह जहां तहां रखे गए रेडीमेड प्लेटफॉर्म

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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