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भ्रष्टाचार की क्लास : टेंट से लेकर कंप्यूटर तक में धांधली,जिला शिक्षा अधिकारी पर गिरी गाज

akvlive.in

Published

– देवास में शिक्षा विभाग का बड़ा घोटाला उजागर, जिला शिक्षा अधिकारी एच.एस. भारती निलंबित

मध्यप्रदेश के देवास जिले के शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी एच.एस. भारती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उज्जैन संभाग के आयुक्त आशीष सिंह द्वारा जारी आदेश के तहत की गई।

 कलेक्टर देवास के पत्र के आधार पर हुई जांच में पाया गया कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में करोड़ों रुपये के खर्च में शासन के भंडार क्रय नियमों की अनदेखी की गई। बार-बार शिकायतों के बाद गठित जांच दल ने वित्तीय गड़बड़ियों की पुष्टि की।

करोड़ों के बजट में गड़बड़ी उजागर

जांच में सामने आया कि विभिन्न मदों में शासन से प्राप्त बड़ी राशि का उपयोग नियमों के विपरीत किया गया। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं, 68वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता (2024-25) के लिए 20 लाख रुपये तथा अलग से 8 लाख रुपये प्राप्त हुए, लेकिन खर्च में ई-टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। परिवहन पर ₹2.50 लाख और टेंट हाउस को ₹5.49 लाख का भुगतान बिना निविदा प्रक्रिया के किया गया।

स्कूल अनुरक्षण कार्य के लिए वर्ष 2023-24 में ₹1.86 करोड़ तथा 2024-25 में ₹1.83 करोड़ की राशि खर्च की गई, लेकिन सीमित निविदा प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। कंप्यूटर खरीदी (₹3.98 लाख) और वाहन मरम्मत (₹1.65 लाख) में भी नियमों का उल्लंघन हुआ। जीएसटी और टीडीएस की अनिवार्य कटौती भी नहीं की गई।

– अग्रिम भुगतान में भी बड़ा खेल

जांच में यह भी सामने आया कि शासन में प्रावधान न होने के बावजूद करीब ₹28.89 लाख का अग्रिम भुगतान विभिन्न व्यक्तियों को किया गया। इनमें भारती नेव्या – ₹16.02 लाख सुदेश सांगते – ₹6.35 लाखसुनील कुमार चौधरी – ₹3.00 लाखअभिमन्यु यादव – ₹1.83 लाख,विधि शाखा प्रभारी – ₹1.68 लाख,जांच दल द्वारा संबंधित अभिलेख मांगे जाने पर भी प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे संदेह और गहरा गया।

– गंभीर लापरवाही और कदाचार का मामला

जांच रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया कि जिला शिक्षा अधिकारी एच.एस. भारती की मिलीभगत से पूरी प्रक्रिया संचालित हुई और उन्होंने अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती। यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उल्लंघन की श्रेणी में पाया गया।

– डीपीसी को प्रभार

आयुक्त ने मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए एच.एस. भारती को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, उज्जैन रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। वहीं, अजय मिश्रा (जिला परियोजना समन्वयक) को आगामी आदेश तक जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है।

– 15 दिन में मांगा विस्तृत प्रतिवेदन

कलेक्टर देवास को निर्देश दिए गए हैं कि आरोप पत्र एवं संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां 15 दिनों के भीतर शासन को भेजी जाएं, ताकि आगे की विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..