– एनजीटी ने पर्यावरण मामले में राज्य व केंद्र के शीर्ष अधिकारियों को जारी किया नोटिस, 9 जुलाई तक जवाब तलब
भोपाल । राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ, भोपाल ने कृषि भूमि में संचालित स्टोन क्रेशर से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए राज्य और केंद्र के कई वरिष्ठ अधिकारियों एवं संस्थाओं को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई सम्यक जैन बनाम मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्य में की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद अधिकरण ने आवेदन को स्वीकार करते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने इस मामले में मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), कलेक्टर डिंडोरी, डायरेक्टर, माइनिंग एंड जियोलॉजी, मध्य प्रदेश, सदस्य सचिव, राज्य पर्यावरण प्रभाव आंकलन प्राधिकरण (SEIAA) तथा चेयरमैन, संबंधित प्राधिकरण को नोटिस जारी किया है।
इसके अतिरिक्त, मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को भी पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया गया है।
अधिकरण ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देशित किया है कि वे 9 जुलाई 2026 को प्रातः 10:30 बजे तक अपना लिखित जवाब एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो अधिकरण इस प्रकरण की सुनवाई एकतरफा (एक्स-पार्टी) रूप से कर सकता है।
पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इस मामले को प्रशासनिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें संबंधित विभागों की भूमिका और जवाबदेही पर अधिकरण द्वारा विस्तृत सुनवाई की जाएगी।











