डिंडौरी न्यूज। जिला प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशील पहल के चलते तेलंगाना में फंसे 26 मजदूरों को सुरक्षित वापस लाकर उनके हक की मजदूरी भी दिलाई गई। करीब तीन माह से परदेस में परेशान इन मजदूरों के चेहरे पर घर लौटते ही राहत और खुशी साफ दिखाई दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेहंदवानी जनपद पंचायत के ग्राम सुखलोंडी, पिंडरुखी और धनगांव के 26 मजदूर 10 जनवरी को ठेकेदारों के साथ मिर्ची तोड़ने के लिए तेलंगाना के भद्राद्री जिले गए थे। तय समय पूरा होने के बाद भी उन्हें न तो मजदूरी दी जा रही थी और न ही वापस घर लौटने दिया जा रहा था। इससे परेशान होकर मजदूरों ने टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई।
इस मामले ने 31 मार्च की जनसुनवाई में गंभीर मोड़ लिया, जब मजदूर लखन मरावी की बेटी रोशनी ने कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया से अपने पिता सहित अन्य मजदूरों को वापस लाने की भावुक अपील की। कलेक्टर ने मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए श्रम, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिला प्रशासन ने तेलंगाना के स्थानीय प्रशासन और एक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से समन्वय स्थापित कर सभी मजदूरों को सुरक्षित मुक्त कराया। गुरुवार को सभी मजदूरों को डिंडौरी वापस लाया गया, जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।
सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि प्रशासन के प्रयासों से मजदूरों को उनका करीब 5 लाख 96 हजार रुपए का बकाया मजदूरी भुगतान भी दिलाया गया। इससे मजदूरों और उनके परिजनों में खुशी का माहौल है।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मजदूरों से अपील करते हुए कहा कि अधिक मजदूरी के लालच में दूसरे राज्यों में जाने से बचें और किसी भी ठेकेदार के झांसे में न आएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिले में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं तथा पात्र श्रमिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा।












