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दोस्ती के बीच आई ‘रंजिश’ तो सुतली रस्सी से घोंट दिया दोस्त का दम, पुलिस ने बेनकाब किए कातिल

akvlive.in

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डिंडौरी न्यूज। रिश्तों के कत्ल और आपसी रंजिश की एक ऐसी खौफनाक दास्तां सामने आई है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। ग्राम देवरा और विचारपुर की सरहद पर मिली एक लाश ने जो राज उगले, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। शाहपुर पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर उस ‘अंधे कत्ल’ की गुत्थी सुलझा ली है, जिसे कातिलों ने बड़ी चालाकी से अंजाम दिया था।

– खेत में मिली लाश और पुलिस की चुनौती

घटना की शुरुआत 3 अप्रैल को हुई जब डायल 112 को सूचना मिली कि ग्राम विचारपुर के एक सुनसान खेत में एक युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस के लिए यह मामला पूरी तरह उलझा हुआ था। मृतक की पहचान गुलशन (निवासी देवरा) के रूप में हुई। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लगा, लेकिन जब PM रिपोर्ट आई तो सनसनी फैल गई—गुलशन की मौत प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि उसका गला घोंटकर बेरहमी से उसे मौत के घाट उतारा गया था।

– दोस्ती का नकाब… कातिल निकले साथ घूमने वाले ‘दोस्त’

पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों के बाद शाहपुर पुलिस और तकनीकी सेल ने जब सुराग खंगाले, तो कड़ियाँ जुड़ती चली गईं। पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि घटना वाली रात (2 अप्रैल) गुलशन को आखिरी बार भाग सिंह और राकेश के साथ देखा गया था। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में लिया और जब उनसे ‘खाकी’ वाले अंदाज में पूछताछ हुई, तो उनके हौसले पस्त हो गए।
आरोपियों ने कबूल किया कि पुरानी रंजिश के चलते उनके मन में नफरत की आग सुलग रही थी। 2 अप्रैल की काली रात को उन्होंने मौका पाकर सुतली रस्सी से गुलशन का गला तब तक घोंटा जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं। इसके बाद पहचान छुपाने के लिए लाश को खेत में फेंक कर फरार हो गए।

– ट्रैक्टर और रस्सी बरामद, सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई सुतली रस्सी, उनका ट्रैक्टर-ट्राली (MP 20 ZB 1051) और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

– इन्होंने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में शाहपुर थाना प्रभारी निरीक्षक केवल सिंह परते के नेतृत्व में टीम ने बेहतरीन काम किया। टीम में ASI रामप्रसाद यादव, कोदूराम जोगी, पहलू सिंह, मुकेश प्रधान, अंकित मरावी, चालक अभिजीत और महिला आरक्षक पल्लवी पाराशर की मुख्य भूमिका रही।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..