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उच्च न्यायालय ने रद्द किया शिक्षक का तबादला आदेश, प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

एडीटर: Chetram Rajpoot June 24, 2025

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– याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सम्यक जैन व मनन अग्रवाल ने रखा पक्ष

जबलपुर न्यूज़ । मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में सहायक शिक्षक का तबादला आदेश रद्द कर दिया है. शिक्षक को दमोह जिले के शासकीय हाई स्कूल से टीकमगढ़ जिले में स्थानांतरित किया गया था। याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता मनन अग्रवाल व सम्यक जैन के माध्यम से याचिका लगाई थी जिसमें बताया गया कि सहायक शिक्षक का पद “जिला संवर्ग” का होता है और नीति अनुसार उसे केवल उसी जिले में स्थानांतरित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, स्थानांतरण आदेश में ही उल्लेखित था कि नवीन जिले में वरिष्ठता समाप्त हो जाएगी।

न्यायालय ने माना कि यह स्थानांतरण याचिकाकर्ता की सेवा शर्तों को प्रतिकूल रूप से बदलता है और ऐसा स्थानांतरण केवल कर्मचारी की सहमति से ही किया जा सकता है। अधिवक्ताओं के ठोस तर्कों के आधार पर, उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने 07.06.2025 के तबादला आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में आदेश दिया कि याचिकाकर्ता दमोह जिले के शासकीय हाई स्कूल में अपनी सेवाएं जारी रखेंगे।

इस फैसले ने मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादलों में हो रही अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक आवश्यकता के नाम पर बिना उचित प्रक्रिया के तबादले अवैध हैं। यह मामला शिक्षक समुदाय के बीच चर्चा का विषय बन गया है, और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण स्थापित करता है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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