डिंडौरी/करंजिया। जनजातीय कार्य विभाग डिंडौरी एवं मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार विकासखंड करंजिया स्थित एकीकृत माध्यमिक विद्यालय जोगीग्वारा में गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को आत्मसात करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के संस्था प्रमुख रामकुमार गर्ग ने माता सरस्वती के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं पूजन-अर्चन के साथ किया। इसके पश्चात विद्यालय की बाल कैबिनेट के प्रधानमंत्री इशांत पेन्दो एवं उपप्रधानमंत्री कुमारी केशमा बंजारा ने आचार्य संदीपनी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर गुरु की महिमा का स्मरण किया।
इस अवसर पर संस्था प्रमुख श्री गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही ज्ञान का प्रकाश देकर जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने आचार्य चाणक्य और सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य का उदाहरण देते हुए बताया कि एक श्रेष्ठ गुरु अपने शिष्य को महान ऊंचाइयों तक पहुंचाने की क्षमता रखता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गुरु संदीपनी तथा भगवान श्रीराम द्वारा गुरु वशिष्ठ से प्राप्त शिक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में सफलता और संस्कारों के लिए गुरु का मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है।
गुरु पूर्णिमा समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, गुरु महिमा पर आधारित गीतों एवं आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में प्रस्तुत भक्ति एवं सांस्कृतिक रंगों ने पूरे विद्यालय परिसर को आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार की ओर से सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए विशेष भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें खीर, पूरी एवं सब्जी का प्रसाद वितरित किया गया। सभी ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण कर गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व की खुशियां साझा कीं।
इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में गुरु के प्रति सम्मान, अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति आस्था को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया।












