– एसपी आशीष खरे ने पुलिस सेवा में करियर की संभावनाओं से कराया अवगत, अधिवक्ता अभिनव कटारे ने बताए विधिक अधिकार और दायित्व
डिंडौरी। 21वीं सदी के जीवन कौशल सक्षम कार्यक्रम के अंतर्गत माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, डिंडौरी में सक्षम करियर कार्यशाला का आयोजन किया गया। सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को विभिन्न करियर विकल्पों के साथ-साथ कानून, न्याय व्यवस्था और पुलिस सेवा के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी देकर उन्हें भविष्य के लिए जागरूक एवं आत्मविश्वासी बनाना रहा।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे, अधिवक्ता श्री अभिनव कटारे, यातायात पुलिस से श्री सुभाष उइके तथा एएसआई श्री प्रवीण सिंह उपस्थित रहे। अतिथियों ने छात्राओं से संवाद करते हुए उन्हें करियर निर्माण, कानून की समझ और जिम्मेदार नागरिक बनने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने का संदेश
पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे ने अपने विशेष उद्बोधन में छात्राओं को पुलिस विभाग में करियर बनाने की संभावनाओं और पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका को समझाते हुए छात्राओं को अपने लक्ष्य स्पष्ट रूप से निर्धारित करने तथा उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आज छात्राओं के सामने करियर के अनेक विकल्प उपलब्ध हैं। आवश्यकता इस बात की है कि वे अपनी रुचि और क्षमता को पहचानकर सही दिशा में तैयारी करें तथा अपने भविष्य को लेकर जागरूक रहें।
कानून और न्याय व्यवस्था की समझ जरूरी
अधिवक्ता श्री अभिनव कटारे ने विधिक साक्षरता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए छात्राओं को कानून के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने न्यायपालिका की कार्यप्रणाली के साथ-साथ नागरिकों के अधिकारों एवं दायित्वों से छात्राओं को अवगत कराया। कानून की जानकारी को उन्होंने प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक बताते हुए छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने अतिथियों से करियर, पुलिस सेवा, कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। अतिथियों ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का सरल एवं रोचक तरीके से समाधान किया। क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से भी छात्राओं को कानून, न्याय व्यवस्था एवं करियर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
नाट्य प्रस्तुति से समझाया कानून और जिम्मेदारी का महत्व
कार्यशाला को अधिक प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए छात्राओं द्वारा नाट्य प्रस्तुति भी दी गई। प्रस्तुति के माध्यम से कानून-व्यवस्था, न्यायपालिका की कार्यप्रणाली तथा करियर निर्माण के साथ जिम्मेदारी के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। छात्राओं की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों एवं अन्य उपस्थितजनों का ध्यान आकर्षित किया।
इस अवसर पर छात्राओं द्वारा तैयार की गई गोंडी पेंटिंग्स भी मुख्य अतिथियों को भेंट की गईं। विशेष रूप से दिव्यांग छात्रा सृष्टि मरावी द्वारा स्वयं तैयार की गई गोंडी पेंटिंग पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे को भेंट की गई। छात्रा की रचनात्मक प्रतिभा और आत्मविश्वास की अतिथियों ने सराहना की।
करियर मार्गदर्शन के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने की पहल
कार्यक्रम में नेहरू युवा केंद्र से श्री आर.पी. कुशवाहा, माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर डिंडौरी की प्राचार्य एवं समस्त स्टाफ, सक्षम कार्यक्रम के जिला प्रबंधक श्री महारन प्रताप सिंह, विकासखंड प्रबंधक श्री नीरज तिवारी सहित अन्य सहयोगी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य द्वारा सभी मुख्य अतिथियों, अधिकारियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला छात्राओं के लिए केवल करियर मार्गदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें कानून, न्याय व्यवस्था, पुलिस सेवा, नागरिक अधिकारों और जिम्मेदारियों की समझ विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच भी प्रदान किया।
सक्षम करियर कार्यशाला ने छात्राओं को अपने भविष्य के प्रति गंभीरता से सोचने, अपने अधिकारों को समझने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।












