समग्र शिक्षा अभियान के निर्देश; ‘हमारे शिक्षक’ ऐप और UDISE पोर्टल पर अपडेट होगी जानकारी, ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर रहेगा फोकस
भोपाल न्यूज। प्रदेश में स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और विद्यालयों में सकल नामांकन अनुपात (GER) बढ़ाने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा अभियान (सेकेंडरी एजुकेशन) के तहत 01 अगस्त से 08 अगस्त 2026 तक पूरे मध्यप्रदेश में GER (Gross Enrolment Ratio) सप्ताह मनाया जा रहा है। इस संबंध में अपर परियोजना संचालक, समग्र शिक्षा अभियान द्वारा प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी करते हुए अभियान को गंभीरता और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार, भारत सरकार की वर्ष 2025-26 की UDISE रिपोर्ट में मध्यप्रदेश का फाउंडेशनल स्तर पर सकल नामांकन अनुपात (GER) 41.3 प्रतिशत, प्रीपरेटरी स्तर पर 80.7 प्रतिशत, मिडिल स्तर पर 78.6 प्रतिशत तथा सेकेंडरी स्तर पर 59.4 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों में सुधार लाने तथा अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप GER को शिक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना गया है। सकल नामांकन अनुपात यह दर्शाता है कि किसी निर्धारित आयु वर्ग की कुल जनसंख्या की तुलना में उस स्तर की शिक्षा में कितने बच्चे नामांकित हैं। इसका निर्धारण संबंधित स्तर पर नामांकित कुल विद्यार्थियों की संख्या को उस आयु वर्ग की कुल जनसंख्या से विभाजित कर 100 से गुणा करके किया जाता है। उच्च GER का अर्थ है कि अधिक बच्चे शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हुए हैं, जबकि कम GER विद्यालय से बाहर बच्चों की संख्या बढ़ने का संकेत देता है।
समग्र शिक्षा अभियान के निर्देशों में कहा गया है कि प्रदेश में प्रतिवर्ष विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक कारणों से अनेक बच्चे विद्यालय छोड़ देते हैं। ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूलों में प्रवेश दिलाना शासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से GER सप्ताह के दौरान प्रदेशभर में विशेष सर्वे अभियान संचालित किया जाएगा, जिसमें स्कूल से बाहर बच्चों की घर-घर जाकर पहचान की जाएगी।
सर्वे के दौरान एकत्रित जानकारी को विभाग द्वारा विकसित ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इसके बाद संबंधित विद्यार्थियों का विवरण UDISE पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाएगा, ताकि प्रदेश में विद्यालय से बाहर बच्चों का वास्तविक एवं अद्यतन डाटा उपलब्ध हो सके और उनके पुनः नामांकन की प्रभावी निगरानी की जा सके।
अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल प्राचार्यों, विद्यालय प्रमुखों तथा शिक्षकों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्वे कार्य पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए तथा प्रत्येक पात्र बच्चे का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित किया जाए।
शिक्षा विभाग का मानना है कि GER सप्ताह केवल एक सर्वे अभियान नहीं, बल्कि शिक्षा से वंचित बच्चों के भविष्य को संवारने की महत्वपूर्ण पहल है। यदि अभियान के दौरान अधिक से अधिक बच्चों का पुनः नामांकन सुनिश्चित होता है, तो इससे न केवल प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात बढ़ेगा, बल्कि नई शिक्षा नीति-2020 के सार्वभौमिक शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी।












