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खबर का असर: सरकारी कार्यालय में फिल्मी गाने पर रील बनाने वाली महिला कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी 

akvlive.in

Published

– स्वतंत्रता दिवस के दिन शासकीय परिसर में फिल्मी गीत पर डांस का मामला, खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने दिखाई सख्ती; दो दिन में मांगा जवाब

संतोष सिंह चंदेल,डिंडौरी न्यूज। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर शासकीय कार्यालय परिसर में फिल्मी गीत पर नृत्य करते हुए वीडियो बनाए जाने का मामला अब कार्रवाई की जद में आ गया है। समनापुर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय परिसर में 15 अगस्त को कुछ महिला कर्मचारियों द्वारा फिल्मी गीत पर डांस करते हुए बनाई गई रील सोशल मीडिया पर वायरल होने और इस मामले को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने संज्ञान लिया है। मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग डिंडौरी ने संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर दो दिवस के भीतर जवाब मांगा है।

दरअसल, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूरे देश में शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों और विभिन्न संस्थानों में तिरंगा फहराकर देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया जा रहा था। इसी दौरान समनापुर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय परिसर में विभाग से जुड़ी कुछ महिला कर्मचारियों द्वारा फिल्मी गीत आज रुसवा तेरी गलियों में मोहब्बत होगी पर डांस करते हुए वीडियो बनाया गया। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस बात को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या शासकीय कार्यालय परिसर को इस प्रकार की निजी सोशल मीडिया रील के लिए इस्तेमाल किया जाना उचित है।

– खबर के बाद हरकत में आया विभाग

मामले को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों से जवाब-तलब किया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र में 15 अगस्त 2026 को विभागीय शासकीय कार्यालय परिसर में तिरंगा फहराने के बाद फिल्मी गीत पर नृत्य किए जाने का उल्लेख किया गया है। नोटिस में इसे लापरवाही एवं अनुशासनहीनता से जोड़ते हुए संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

राष्ट्रीय पर्व पर शासकीय परिसर के उपयोग पर सवाल

विभागीय नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शासकीय कार्यालय परिसर में देशभक्ति एवं कर्तव्यनिष्ठा से संबंधित गतिविधियां की जानी अपेक्षित थीं। नोटिस के अनुसार, राष्ट्रीय पर्व पर इस प्रकार का डांस किया जाना शासकीय कर्मचारी के आचरण के अनुरूप नहीं माना गया है। विभाग ने संबंधित कर्मचारियों के कृत्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियमों के विपरीत बताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है।

दो दिन में देना होगा जवाब

कारण बताओ नोटिस में संबंधित कर्मचारियों को नोटिस प्राप्ति के दो दिवस के भीतर अपना उत्तर/जवाब कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषप्रद एवं समाधानकारक जवाब प्राप्त नहीं होता है तो संबंधितों के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित कर्मचारियों की होगी।

कलेक्टर को भी भेजी गई नोटिस की प्रतिलिपि

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जारी कारण बताओ सूचना पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर डिंडौरी को भी सूचनार्थ भेजी गई है। इससे संकेत मिलता है कि विभाग ने मामले को केवल आंतरिक स्तर पर लेकर छोड़ने के बजाय उच्च प्रशासनिक स्तर पर भी इसकी जानकारी दी है।

अब कार्रवाई पर टिकी नजर

खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जाने से यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब संबंधित कर्मचारियों द्वारा विभाग को क्या जवाब दिया जाता है और उस जवाब के आधार पर विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

सवाल यह भी है कि शासकीय कार्यालय परिसर में आयोजित होने वाली गतिविधियों और सोशल मीडिया के लिए बनाए जाने वाले निजी वीडियो के बीच मर्यादा और जिम्मेदारी की सीमा क्या होनी चाहिए। सरकारी कर्मचारी समाज के सामने प्रशासनिक व्यवस्था और विभाग की कार्यसंस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर शासकीय परिसर में होने वाली प्रत्येक गतिविधि को लेकर जिम्मेदारी और अनुशासन का पालन अपेक्षित माना जाता है। फिलहाल विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और संबंधित कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई उनके जवाब और विभागीय जांच के निष्कर्ष पर निर्भर करेगी।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..