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नोटिस मिलते ही पर्यवेक्षक के तेवर तल्ख, व्हाट्सएप स्टेटस में दी खुली चुनौती!

akvlive.in

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– हिम्मत हो तो आ जा, दो-दो हाथ हो जाए… धमकी भरे अंदाज वाले स्टेटस से विभाग में मची हलचल

संतोष सिंह चंदेल,डिंडौरी न्यूज। महिला एवं बाल विकास विभाग के समनापुर कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फिल्मी गीत पर डांस कर रील बनाए जाने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद अब एक नया विवाद सामने आया है। संबंधित पर्यवेक्षक द्वारा व्हाट्सएप पर लगाया गया एक स्टेटस सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। स्टेटस के शब्दों को लोग विभागीय नोटिस के बाद प्रतिक्रिया और चुनौती के तौर पर देख रहे हैं।

वायरल स्क्रीनशॉट में लिखा गया है— “पीठ पीछे क्या वार कर रहा है डरपोक, तेरी हिम्मत हो तो आ जा दो दो हाथ हो जाये, ऐसा धोबी पछाड़ दूंगी न, कभी मेरे जैसी से तेरा पाला नहीं पड़ा है समझे”। स्टेटस के अंत में गुस्से वाला इमोजी भी लगाया गया है।

– नोटिस के बाद सामने आया स्टेटस

गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन समनापुर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के शासकीय कार्यालय परिसर में फिल्मी गीत पर नृत्य करते हुए वीडियो बनाए जाने के मामले में संबंधित कर्मचारियों को जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में इसे लापरवाही एवं अनुशासनहीनता से जुड़ा मामला बताते हुए दो दिवस के भीतर जवाब मांगा गया है।

नोटिस जारी होने के बाद सामने आए इस व्हाट्सएप स्टेटस ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। हालांकि स्टेटस में किसी व्यक्ति का नाम सीधे तौर पर नहीं लिखा गया है, लेकिन इसे नोटिस के बाद की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

– अब जवाब से ज्यादा स्टेटस की चर्चा

विभागीय नोटिस में संबंधित कर्मचारी से निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। जवाब नहीं मिलने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

इधर, नोटिस के बाद लगाए गए कथित धमकी भरे स्टेटस को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या शासकीय कर्मचारी को विभागीय कार्रवाई के बीच इस तरह सार्वजनिक रूप से चुनौतीपूर्ण भाषा का इस्तेमाल करना उचित है।

फिलहाल मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। एक तरफ विभागीय नोटिस का जवाब लंबित है, वहीं दूसरी ओर कथित धमकी भरे व्हाट्सएप स्टेटस ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है। अब देखना होगा कि विभाग इस स्टेटस को लेकर भी कोई संज्ञान लेता है या नहीं और संबंधित पर्यवेक्षक की ओर से नोटिस का क्या जवाब दिया जाता है।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

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