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आदिवासी अंचल को मिली विधि शिक्षा की बड़ी सौगात : डिंडौरी लॉ कॉलेज को मिली मान्यता

akvlive.in

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– सम्यक जैन ,इंद्रपाल मरकाम ने दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा और को भेजा धन्यवाद पत्र, जिले में कानून की पढ़ाई का रास्ता हुआ आसान

डिंडौरी न्यूज । आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले में विधि शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। शासकीय लॉ कॉलेज डिंडौरी को मान्यता मिलने की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जिले में कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खुल गए हैं। इस उपलब्धि पर अधिवक्ता सम्यक जैन ने डिंडौरी जिले की जनता की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा को धन्यवाद पत्र प्रेषित कर आभार व्यक्त किया है।

अधिवक्ता सम्यक जैन ने बताया कि जिले में विधि शिक्षा को सुदृढ़ करने एवं शासकीय लॉ कॉलेज को शीघ्र मान्यता दिलाने के उद्देश्य से उन्होंने पूर्व में दोनों वरिष्ठ नेताओं को पत्र भेजकर आग्रह किया था। उन्होंने मांग रखी थी कि आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों के हित को देखते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन से समन्वय स्थापित कर मान्यता की प्रक्रिया को गति प्रदान करने के लिए आवश्यक पहल की जाए।

सम्यक जैन के पत्र पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए इस विषय को गंभीरता से लिया और जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया था। वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने भी स्पष्ट किया था कि डिंडोरी जिलेवासियों को विधि शिक्षा के क्षेत्र में शीघ्र ही बड़ी सौगात मिलेगी।

इसके बाद लगातार किए गए प्रयासों और समन्वय के परिणामस्वरूप बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा दिनांक 10 जून 2026 को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एवं शासकीय लॉ कॉलेज डिंडोरी के प्राचार्य को आवश्यक पत्र जारी कर दिया गया है। इस निर्णय से अब जिले के विद्यार्थियों को कानून की शिक्षा के लिए अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे अपने ही जिले में विधि अध्ययन कर सकेंगे।

यह उपलब्धि विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे उच्च शिक्षा के अवसरों में वृद्धि होगी तथा आने वाले समय में डिंडोरी जिले से नए अधिवक्ता, विधि विशेषज्ञ एवं न्यायिक क्षेत्र में जाने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

इस पूरे प्रयास में विभिन्न स्तरों पर हुए सहयोग और समन्वय की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जयस प्रदेश अध्यक्ष इंद्रपाल मरकाम ने भी डिंडोरी में विधि शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए किए गए प्रयासों पर धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों के हित में यह एक ऐतिहासिक पहल है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।

अधिवक्ता सम्यक जैन ने कहा कि शासकीय लॉ कॉलेज डिंडोरी को मान्यता मिलना जिले के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा एवं जयस प्रदेश अध्यक्ष इंद्रपाल मरकाम सहित सभी सहयोगी व्यक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता जनहित से जुड़े विषय पर किए गए सकारात्मक प्रयासों और सामूहिक समन्वय का परिणाम है।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..