होम राज्य मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़़ क्राइम न्यूज इंटरनेशनल न्यूज कोर्ट न्यूज राजनीति संसदीय संपादकीय अर्थ जगत हेल्थ शिक्षा खेल विज्ञान

मंत्रिमंडल का विस्तार: सीएम धामी के पास अहम विभाग, चुनावी रणनीति की झलक

akvlive.in

Published

नेशनल न्यूज/दिल्ली । उत्तराखंड में 2027 के संभावित विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने 22 मार्च 2026 को मंत्रिपरिषद में बड़ा फेरबदल करते हुए विभागों का पुनर्वितरण कर दिया है। इस निर्णय को प्रशासनिक कसावट के साथ-साथ चुनावी रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखते हुए शासन पर सीधा नियंत्रण मजबूत किया है, जबकि अन्य मंत्रियों को उनकी क्षमता और क्षेत्रीय संतुलन के आधार पर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

– मुख्यमंत्री के पास सबसे ज्यादा ताकतवर विभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिपरिषद, कार्मिक, सतर्कता, सचिवालय प्रशासन, नियोजन, राज्य संपत्ति, सूचना, गृह, राजस्व, औद्योगिक विकास, श्रम, पेयजल, ऊर्जा, आबकारी, न्याय, नागरिक उड्डयन, वित्त और आवास जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार उन्मूलन और जन सेवा से जुड़े विषय भी सीधे मुख्यमंत्री के अधीन रहेंगे, जो प्रशासनिक नियंत्रण को और मजबूत करता है।

– वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां

सतपाल महाराज को लोक निर्माण, ग्रामीण निर्माण, पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व, सिंचाई और सामान्य प्रशासन जैसे बड़े विभाग सौंपे गए हैं।गणेश जोशी को कृषि, कृषि शिक्षा, विपणन, उद्यान, रेशम विकास और सैनिक कल्याण की जिम्मेदारी दी गई है। धन सिंह रावत को शिक्षा से जुड़े सभी प्रमुख विभाग—बेसिक से लेकर उच्च व तकनीकी शिक्षा—के साथ सहकारिता भी सौंपी गई है। स्वास्थ्य, महिला व युवा और सामाजिक क्षेत्र,सुबोध उनियाल को वन, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा जैसे अहम विभाग मिले हैं। रेखा आर्य को महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, खाद्य आपूर्ति, खेल और युवा कल्याण की जिम्मेदारी दी गई है। खजान दास को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक और छात्र कल्याण विभाग दिए गए हैं।

– ग्रामीण, रोजगार और आपदा प्रबंधन पर फोकस

भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास, MSME और खादी ग्रामोद्योग का जिम्मा सौंपा गया है। मदन कौशिक को पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास और आयुष विभाग दिए गए हैं।सौरभ बहुगुणा को पशुपालन, दुग्ध, मत्स्य, गन्ना विकास और कौशल विकास विभाग सौंपे गए हैं।आधुनिक और शहरी विकास से जुड़े विभाग,प्रदीप बत्रा को परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी, सुशासन और विज्ञान-तकनीक की जिम्मेदारी दी गई है। राम सिंह केड़ा को शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और जलागम प्रबंधन सौंपा गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह फेरबदल केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। 2027 चुनाव को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय संतुलन, प्रदर्शन आधारित जिम्मेदारी और मजबूत नेतृत्व की झलक इस निर्णय में साफ दिखाई देती है।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..