– विस्तृत छानबीन के लिए CBI को सौंपी जांच
हरियाणा में 590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले को लेकर सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी है। इसी क्रम में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, राम कुमार सिंह और प्रदीप कुमार को सस्पेंड किया गया है। दोनों अधिकारियों पर बैंक फ्रॉड से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में संभावित संलिप्तता या कनेक्शन की जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, यह घोटाला एक निजी बैंक के जरिए सरकारी फंड को कथित तौर पर फर्जी कंपनियों के माध्यम से डायवर्ट करने से जुड़ा हो सकता है। इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं, जिससे प्रकरण की गंभीरता और बढ़ गई है।


निलंबित अधिकारियों में राम कुमार सिंह वर्तमान में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे, जबकि प्रदीप कुमार राज्य परिवहन विभाग में निदेशक एवं विशेष सचिव के रूप में पदस्थ थे। सरकार ने अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के तहत यह कार्रवाई की है।
आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्यालय चंडीगढ़ स्थित मुख्य सचिव कार्यालय रहेगा और उन्हें नियमानुसार भत्ता दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। CBI द्वारा जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।












