– आर्थिक अनियमितता में लिप्त 3 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
– बिना कार्य पूर्ण किए ₹6.89 करोड़ का भुगतान..?
डिंडौरी न्यूज । ग्राम छिंदगांव में संचालित लघु सिंचाई परियोजना में गंभीर वित्तीय, तकनीकी एवं प्रशासनिक अनियमितताओं का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जल संसाधन विभाग के तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
जारी नोटिस के अनुसार, संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट में यह पाया गया कि संबंधित परियोजना में कार्य पूर्ण किए बिना ही लगभग ₹6.89 करोड़ की शासकीय राशि का भुगतान कर दिया गया। यह कृत्य न केवल गंभीर वित्तीय अनियमितता है, बल्कि शासन की योजनाओं के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण भी है।
जांच में यह भी सामने आया कि परियोजना का निर्माण ऐसे क्षेत्र में किया गया, जो उच्च स्तरीय परियोजनाओं के संभावित डूब क्षेत्र में आता है, जिससे इसकी उपयोगिता संदिग्ध हो गई है। साथ ही आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियां एवं विभागीय समन्वय भी नहीं किया गया। स्थल निरीक्षण के दौरान कार्य गुणवत्ता मानकों के विपरीत, अधूरा एवं निम्नस्तरीय पाया गया।
इन गंभीर लापरवाहियों के चलते एस.के. शर्मा (कार्यपालन यंत्री), विहान शुक्ला (उपयंत्री), नारायण देशमुख (अनुविभागीय अधिकारी) को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उल्लंघन का दोषी मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे दिनांक 10 अप्रैल 2026 तक अपना जवाब प्रस्तुत करें, अन्यथा उनके विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने स्पष्ट किया है कि शासन की योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।












