होम राज्य मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़़ क्राइम न्यूज इंटरनेशनल न्यूज कोर्ट न्यूज राजनीति संसदीय संपादकीय अर्थ जगत हेल्थ शिक्षा खेल विज्ञान

महिला एवं बाल विकास के संयुक्त संचालक पर लोकायुक्त का छापा : आय से 286% अधिक संपत्ति का खुलासा; करोड़ों की जमीन, भवन और जेवरात मिले

akvlive.in

Published

– पत्नी, बेटों, बहू और रिश्तेदारों के नाम पर निवेश का आरोप, इंदौर-धार में करोड़ों की संपत्तियां जांच के घेरे में

इंदौर। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) इंदौर के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के ठिकानों पर बुधवार सुबह छापा मारा गया। प्रारंभिक जांच में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने यह कार्रवाई की। जांच में अब तक कंडवाल के पास उनकी ज्ञात आय की तुलना में करीब 286 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने का खुलासा हुआ है।

लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के दौरान इंदौर और धार जिले में स्थित कई संपत्तियों की जांच की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी अधिकारी ने अपनी पत्नी, बेटों, बहू तथा अन्य रिश्तेदारों के नाम पर भी बड़े पैमाने पर निवेश कर रखा था।

लोकायुक्त की टीम को इंदौर के आनंद विहार क्षेत्र में स्थित एक आलीशान जी+3 मंजिला भवन सहित धार जिले के सोनवाय, तारपुरा, बनेडिया, बेकल्या और पीथमपुर क्षेत्रों में कृषि भूमि, प्लॉट तथा अन्य अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। भूमि खरीद और भवन निर्माण पर अब तक लगभग 9 करोड़ 76 लाख 15 हजार रुपए खर्च होने की जानकारी सामने आई है।

कार्रवाई के दौरान बैंक ऑफ इंडिया की सराफा शाखा में एक लॉकर का भी पता चला है। घर और लॉकर की जांच में अब तक करीब 29.65 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा घर में मौजूद फर्नीचर एवं अन्य सामग्री की इन्वेंट्री का मूल्य लगभग 38.48 लाख रुपए, डिपार्टमेंटल स्टोर से संबंधित सामग्री का मूल्य 35.73 लाख रुपए तथा जिम उपकरणों का मूल्य करीब 2.71 लाख रुपए आंका गया है।

लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के मार्गदर्शन में गठित तीन अलग-अलग टीमें अभी भी दस्तावेजों, बैंक खातों और अन्य निवेशों की जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का मानना है कि बैंक लॉकर और वित्तीय दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद आय से अधिक संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..