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Dindori News: सड़क निर्माण में भारी भ्रष्टाचार: विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकी, कनईसांगवा में उबाल

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot May 23, 2025

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डिंडौरी। जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत कनईसांगवा में सीसी रोड निर्माण में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला गरमाता जा रहा है। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव और सरपंच पर मिलकर मनमाने तरीके से कार्य कराने और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला अब जनसुनवाई तक पहुँच चुका है, जहां ग्रामीणों ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

घटिया निर्माण से नाराज ग्रामीण

आरोप है कि आंगनबाड़ी भवन से शनि मंदिर तक पांचवें वित्त आयोग के तहत 4.32 लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही सीसी रोड में मिट्टी, मुरम, सूखी गिट्टी और रेत जैसी निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया। नियमानुसार निर्माण में पानी का समुचित उपयोग तक नहीं किया गया, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों ने पूरे निर्माण कार्य की वीडियो रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के रूप में संरक्षित की है।

बिना सूचना पटल, पूरी तरह से अपारदर्शी कार्य

ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण स्थल पर नियमानुसार कोई सूचना पटल नहीं लगाया गया, जिससे परियोजना की पारदर्शिता पूरी तरह से नदारद रही। उन्होंने पहले भी जनपद पंचायत में शिकायत की थी, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया है।

एफआईआर की धमकी से दहशत में ग्रामीण

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब कुछ ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया, तो पंचायत सचिव और सरपंच ने उन्हें एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दे दी। इससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।

जिला प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि निर्माण स्थल का अविलंब निरीक्षण कर दोषियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि इस तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं कसी गई, तो यह स्थानीय शासन-प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करेगा।

निष्पक्ष जांच ही ग्रामीणों को दिला सकती है न्याय

कनईसांगवा के ग्रामीणों की आवाज अब बुलंद होती जा रही है। वे चाहते हैं कि इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले, ताकि आगे किसी भी पंचायत में इस प्रकार की लापरवाही दोहराई न जा सके।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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