क्या कार और मल्टीप्लॉट के मालिक गरीब हो सकते हैं? भोपाल में एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहाँ प्रशासन की नाक के नीचे रसूखदारों को कागजों पर गरीब बना दिया गया। 6 अप्रैल 2026 को मीडिया में आई रिपोर्ट के बाद कलेक्टर कार्यालय ने इस फर्जीवाड़े की परतें खोलीं और दोषी कर्मचारियों पर गाज गिराई।
– अमीरी में गरीबी का खेल
मामले की जड़ सिद्धार्थ टावर का वह फ्लैट है जहाँ रहने वाले परिवार के पास सुख-सुविधा के तमाम साधन मौजूद थे, फिर भी उनका नाम बीपीएल सूची में दर्ज था। जांच में पाया गया कि निचले स्तर के कर्मचारियों ने मिलीभगत कर सिस्टम में सेंध लगाई और अपात्रों को सरकारी लाभ दिलाने का रास्ता साफ किया।
– मामले को लेकर हड़कंप
एसडीएम एम.पी. नगर की रिपोर्ट में लापरवाही और पासवर्ड के दुरुपयोग की बात सामने आते ही कलेक्टर ने किशोर मेहरा (वन विभाग) और सुरेश बेरागी (पीडब्ल्यूडी) को निलंबित कर दिया है।












