एक सप्ताह में दूसरी कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों में हड़कंप
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त संगठन रीवा की कार्रवाई लगातार जारी है। एक सप्ताह के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त टीम ने देवलौंद क्षेत्र अंतर्गत नगर परिषद खाड़ में पदस्थ महिला इंजीनियर सुधा वर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जेके कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा नगर परिषद खाड़ क्षेत्र में नाली, सड़क और स्टेडियम सहित कई निर्माण कार्य किए गए थे। कार्य पूर्ण होने के बाद कंपनी ने भुगतान प्रक्रिया शुरू की, लेकिन आरोप है कि बिल पास करने के एवज में इंजीनियर सुधा वर्मा ने ठेकेदार से 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
इस मामले में शिकायतकर्ता जेके अग्रवाल ने लोकायुक्त रीवा में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से गुरुवार को नगर परिषद कार्यालय में ट्रैप बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही महिला इंजीनियर ने 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान नगर परिषद कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक लोकायुक्त टीम के पहुंचने से कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के बाद आरोपी इंजीनियर को आगे की पूछताछ के लिए बाणसागर स्थित जल संसाधन विभाग के रेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां देर शाम तक कार्रवाई जारी रही।
लोकायुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले 2 अप्रैल को भी लोकायुक्त रीवा ने जयसिंहनगर थाने में पदस्थ एक सहायक उप निरीक्षक को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।












