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बुढ़नेर नदी पर बड़े पुल की उम्मीद जगी, सरपंच के प्रयासों से 13 करोड़ का प्रस्ताव तैयार

akvlive.in

Published

– सरपंच संघ जिलाध्यक्ष फूलसिंह मरकाम के मांग पर केंद्रीय मंत्रालय सक्रिय

– सीआरआईएफ (CRIF) योजना के अंतर्गत सड़क एवं पुल विकास कार्य हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश

डिंडौरी। जिले के अमरपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कमको मोहनिया के पोषक गांव दिवारी और मवई जनपद पंचायत के ग्राम परसा टोला के बीच बहने वाली बुढ़नेर नदी पर लंबे समय से प्रस्तावित बड़े पुल निर्माण की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सरपंच संघ जिला डिंडौरी के जिलाध्यक्ष इंजीनियर फूल सिंह मरकाम ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर पुल निर्माण कार्य को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की मांग किया था । सरपंच के मांग पत्र के बाद केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश को सीआरआईएफ योजना में शामिल कर शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही निर्माण कार्य कराए जाने से ग्रामीणों की आवागमन आसान होगी।

– सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को दिए निर्देश

इस संबंध में भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के केंद्रीय क्षेत्र कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजकर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने तथा सीआरआईएफ (CRIF) योजना के अंतर्गत सड़क एवं पुल विकास कार्य हेतु प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया गया है। इससे क्षेत्रवासियों में पुल निर्माण को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार डिंडौरी जिले के ग्राम कमको मोहंदिया–दिवारी–परसटोला मार्ग पर बुढ़नेर नदी में पहुंचमार्ग सहित लगभग 150 मीटर लंबे बड़े पुल के निर्माण का प्रारंभिक प्राक्कलन तैयार किया गया है। लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग जबलपुर द्वारा तैयार प्रस्ताव में पुल निर्माण की अनुमानित लागत 7 करोड़ 50 लाख रुपये बताई गई है, जबकि दोनों ओर लगभग 2670 मीटर पहुंच मार्ग निर्माण पर 2 करोड़ 67 लाख रुपये खर्च प्रस्तावित हैं। जीएसटी, मूल्य वृद्धि और भूमि अर्जन सहित कुल परियोजना लागत लगभग 13 करोड़ 06 लाख 76 हजार रुपये आंकी गई है।

– सरपंच फूलसिंह मरकाम के प्रयासों से स्वीकृति प्रक्रिया तेज

पत्र में उल्लेख किया गया है कि बरसात के दिनों में बुढ़नेर नदी उफान पर होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई गांवों का संपर्क टूट जाता है और लोगों को आवागमन के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ती है। ग्रामीणों, छात्रों और आम नागरिकों को बाजार, स्कूल तथा कॉलेज पहुंचने के लिए 40 से 50 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की हानि होती है। सरपंच संघ अध्यक्ष इंजीनियर फूल सिंह मरकाम ने बताया कि इस पुल निर्माण की मांग वर्षों पुरानी है और आजादी से पहले से क्षेत्र के लोग इसकी आवश्यकता महसूस करते आ रहे हैं। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से जनहित को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द पुल निर्माण कार्य को स्वीकृति देने का आग्रह किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बुढ़नेर नदी पर पुल का निर्माण हो जाता है तो डिंडौरी और मंडला जिले के कई गांवों का सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और आवागमन की सुविधाओं में बड़ा सुधार आएगा तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..