डिंडौरी न्यूज । टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में जिले में शिक्षकों का बड़ा आंदोलन देखने को मिला। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर डिंडौरी के उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में हजारों शिक्षकों की उपस्थिति में विशाल सभा का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को बुलंद किया।
सभा के दौरान वक्ताओं ने मंच से स्पष्ट रूप से कहा कि टीईटी परीक्षा शिक्षकों पर जबरन थोपी गई है, जो नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने इसे तत्काल निरस्त करने की मांग करते हुए केंद्र सरकार से अध्यादेश लाकर शिक्षकों के हित में कानून में संशोधन करने की अपील की।

शिक्षकों ने मध्यप्रदेश सरकार से भी आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल एवं जनजातीय कार्य विभाग भोपाल द्वारा जारी आदेशों को निरस्त करने की मांग की। साथ ही प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता प्रदान करने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया, ताकि शिक्षकों को उनके सेवा काल के अनुसार वैधानिक लाभ मिल सकें।
सभा के बाद शिक्षकों ने डिंडौरी शहर में विशाल रैली निकालकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। रैली के पश्चात भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय शिक्षामंत्री एवं मध्यप्रदेश के शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
इसी क्रम में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल को भी ज्ञापन सौंपते हुए टीईटी परीक्षा संबंधी आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की। साथ ही डिंडौरी विधायक को भी ज्ञापन सौंपकर संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के समक्ष शिक्षकों की मांग उठाने का अनुरोध किया गया।
शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।












