– कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में विशेष जागरूकता शिविर एवं कार्यशाला आयोजित
– न्यायाधीशों ने छात्राओं से किया सीधा संवाद; शिक्षा, करियर और ऑनलाइन सुरक्षा पर दी महत्वपूर्ण जानकारी
डिंडौरी न्यूज । बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों के संरक्षण और उन्हें कानूनी रूप से जागरूक बनाने के उद्देश्य से रविवार को कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास, डिंडौरी में सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत विशेष जागरूकता शिविर एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को बाल अधिकार, पॉक्सो एक्ट, साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन सुरक्षा और करियर संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती शशिकांता वैश्य के मार्गदर्शन तथा प्राधिकरण के सचिव श्री पवन कुमार पटेल के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
– न्यायाधीश ने छात्राओं से किया सीधा संवाद
कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती शशिकांता वैश्य ने छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने छात्राओं की शिक्षा, भविष्य के लक्ष्य और करियर संबंधी जिज्ञासाओं पर चर्चा करते हुए उनके सवालों को सुना। इस दौरान बच्चों के अधिकारों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
– पॉक्सो एक्ट और बाल सुरक्षा के कानूनी प्रावधानों की जानकारी
अपर सत्र न्यायाधीश श्री रविन्द्र गुप्ता ने छात्राओं को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी पहलुओं को विस्तार से समझाते हुए बताया कि कानून बच्चों को शोषण एवं अपराधों से संरक्षण प्रदान करता है। इस दौरान बाल सुरक्षा से संबंधित कानूनी अधिकारों और प्रावधानों के प्रति जागरूक रहने पर जोर दिया गया।
– साइबर अपराध, मोबाइल और एआई के उपयोग पर चर्चा
साइबर सेल से उपस्थित श्री मुकेश प्रधान ने छात्राओं को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने ऑनलाइन सुरक्षा, इंटरनेट और मोबाइल के सुरक्षित उपयोग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव के बारे में जानकारी दी। साथ ही मोबाइल और आधुनिक तकनीक के उपयोग से होने वाले लाभ एवं नुकसान को समझाते हुए साइबर अपराधों से सतर्क रहने के लिए जागरूक किया।
– करियर गाइडेंस से बताए रोजगार के अवसर
कार्यशाला में श्री एम.पी. सिंह परमार ने करियर गाइडेंस के माध्यम से छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने, शिक्षा के अनुरूप करियर का चयन करने और उसकी तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया।
– निःशुल्क विधिक सहायता और योजनाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री पवन कुमार पटेल ने निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने सुरक्षित बचपन अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार की समस्या या परेशानी होने पर कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती दीपिका तरण ने किया। इस अवसर पर छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती वंदना करचाम, छात्रावास का स्टाफ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।
