– प्राचीन डिंडौरी स्कूल में चित्रकला, रंगोली, क्विज और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन; सर्विस बुक, एनपीएस, क्रमोन्नति और लंबित एरियर्स से जुड़े प्रकरणों पर भी कार्रवाई
डिंडौरी न्यूज । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्राचीन डिंडौरी में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, शैक्षणिक नवाचार को प्रोत्साहन देने और शिक्षकों की विभागीय एवं सेवा संबंधी समस्याओं के निराकरण की दिशा में पहल की गई है। विद्यालय में जहां छात्र-छात्राओं की रचनात्मकता और मानसिक दक्षता विकसित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, वहीं संकुल स्तर पर शिक्षकों के लंबित सेवा संबंधी प्रकरणों के निराकरण के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की गई।

सहायक आयुक्त श्री राजेन्द्र जाटव द्वारा सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यालयों, शैक्षणिक संस्थाओं एवं संकुल स्तर पर शैक्षणिक गतिविधियों, खेलकूद और रचनात्मक कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही शिक्षकों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए नवीन कार्ययोजना तैयार करने तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
इसी क्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी डिंडौरी के मार्गदर्शन में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्राचीन डिंडौरी के कार्यवाहक प्राचार्य एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षक श्री गिरीश मोहारे के नेतृत्व में विद्यालय परिवार ने शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार की। इसमें श्री पी.डी. बसेश, श्री पदम बिल्थरे, श्रीमती सुमन तिवारी, श्रीमती सुजाता धुर्वे, श्रीमती संतोषी धुर्वे सहित अन्य शिक्षकों ने सहभागिता की।
– चित्रकला, रंगोली, क्विज और निबंध प्रतियोगिताओं से निखारी विद्यार्थियों की प्रतिभा
विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करने, मानसिक दक्षता बढ़ाने और पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के उद्देश्य से विद्यालय में चित्रकला, रंगोली, मानसिक विकास पर आधारित क्विज तथा निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की।
शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम आधारित अध्ययन के साथ अपनी रचनात्मक क्षमता को सामने लाने का अवसर मिला। इस पहल के माध्यम से शिक्षा को अधिक रुचिकर बनाने तथा विद्यार्थियों के बौद्धिक और रचनात्मक विकास को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया।

– शिक्षकों के सेवा संबंधी प्रकरणों के निराकरण पर जोर
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि संकुल स्तर पर कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं की विभागीय और सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए भी पहल की गई। इसमें वेतन विसंगति, क्रमोन्नति, पदोन्नति, लंबित एरियर्स भुगतान, नामांकन, नवीन सेवा अभिलेखों के संधारण तथा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी गई।
इस क्रम में नवनियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाओं श्री दीपांशु पारधी (प्राथमिक शिक्षक, खेल), श्री युवराज मसराम (प्राथमिक शिक्षक, विज्ञान), श्रीमती सुमन राठौर (प्राथमिक शिक्षक, विज्ञान), श्रीमती अजरा परवीन खान (प्राथमिक शिक्षक) और श्री हिमेश बर्मन (प्राथमिक शिक्षक) के सेवा अभिलेख अर्थात सर्विस बुक के संधारण, नामांकन तथा एनपीएस से संबंधित आवश्यक कार्यवाहियां संकुल स्तर पर संपादित की गईं।

इसी प्रकार प्राथमिक शाला खाम्ही के श्री सुरेश परस्ते, माध्यमिक शाला धमनगांव की श्रीमती हेमवती ठाकुर, प्राथमिक शाला भोंदू टोला की श्रीमती अनुवाला सोनी एवं श्रीमती पुष्पलता मरावी तथा प्राथमिक शाला विदयपुर की श्रीमती मंजू परस्ते एवं श्रीमती पार्वती मार्को के सेवा संबंधी प्रकरणों पर भी आवश्यक कार्रवाई की गई। इनमें क्रमोन्नति वेतन निर्धारण, चिकित्सा अवकाश तथा लंबित क्रमोन्नति एरियर्स से संबंधित मामले शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को विभागीय प्रक्रियाओं के कारण होने वाली परेशानियों से राहत दिलाना, उनके सेवा अभिलेखों को व्यवस्थित करना और लंबित प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया को गति देना है।
– पीएमटी, पीएटी और आईआईटी-जेईई की तैयारी पर भी विशेष ध्यान
विद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सेवा संकल्प अभियान को सीमित अवधि की गतिविधि के बजाय संस्था स्तर पर निरंतर संचालित होने वाली शैक्षणिक पहल के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है।
इसके अंतर्गत विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं मानसिक दक्षता बढ़ाने, अध्ययन के प्रति रुचि विकसित करने और नवीन शिक्षण तकनीकों एवं विधियों के माध्यम से पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने की योजना तैयार की गई है। नियमित पाठ्यक्रम के साथ पीएमटी, पीएटी और आईआईटी-जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की रूपरेखा बनाई गई है।

इस दिशा में श्रीमती सुमन तिवारी (माध्यमिक शिक्षक, विज्ञान), श्रीमती संतोषी धुर्वे (माध्यमिक शिक्षक, विज्ञान), श्रीमती अंजुलता पतोहिया (माध्यमिक शिक्षक, कृषि) एवं श्री पदम बिल्थरे (माध्यमिक शिक्षक) द्वारा शैक्षणिक गतिविधियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को ध्यान में रखते हुए अध्यापन कराया जा रहा है।
– गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्राचीन डिंडौरी में की गई यह पहल विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने, शिक्षा को रुचिकर बनाने, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने और शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में सामूहिक प्रयासों को दर्शाती है।
विद्यालय परिवार ने भविष्य में भी शैक्षणिक नवाचार, रचनात्मक गतिविधियों, गुणवत्तापूर्ण अध्यापन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया है। साथ ही शिक्षकों के लंबित सेवा संबंधी प्रकरणों के निराकरण के लिए भी समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया गया है।
